26 जुल॰ 2020

पूस (हेम के दोहे)

आय महीना पूस के, जाड़ा लावय संग।
हाथ गोड़ होवय करा, लागय तन बेरंग।।

पूस मास करिया कहै, करै नहीँ शुभ काम।
बेरा लीलत पूस हा, झटकुन होवय शाम।।

आय महीना पूस के, मुँह ले फेकय भाप।
तन पथरा कस होय जी, लेवव आगी ताप।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट बेमेतरा
तह. नवागढ़, जिला बेमेतरा(छ.ग.)

हेम के दोहे

मँय चाहत हव

मँय चाहत हव जी सबो, मिलके रहिबो एक।
करबो साहित बर बने, काम सबो मिल नेक।।

मँय चाहत हव मन रहै, सुघ्घर काबू मोर।
करके चिंतन साधना, लाँवव नवा अँजोर।।

मँय चाहत हव देश मा, आवय नवा अँजोर।
सबके घर रहतिस खुशी, देत मया के सोर।।

मोला अइसे लागथे

मोला अइसे लागथे, देश बदलही मोर।
आही सुघ्घर देश मा, फेर नवा अंजोर।।

मोला अइसे लागथे, बढ़ी मया के डोर।
पर सेवा जिनगी रही, सबके लेवत सोर।।

मोला अइसे लागथे, गीता जग हे सार।
करै पाप के नाश ला, बिसनू ले अवतार।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट बेमेतरा
तह. नवागढ़, जिला बेमेतरा(छ.ग.)

सब एक हन (हेम के दोहे)

मनखे मनखे एक हन, काबर हे मन खोट।
भाई ला भाई करँय, काबर अइसन चोट।।

जाति धरम हा एक हे, काबर करथे भेद।
मानवता ला छोड़के, अन्तस करथे छेद।।

राम रहिम सब एक हे, छोड़व मनके द्वेष।
मिलके रहिबो हम सबो, होय कभू ना क्लेश।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट बेमेतरा
तह. नवागढ़, जिला बेमेतरा(छ.ग.)

धान के महिमा (हेम के दोहे)

गली खोर ममहाय जी, महके जब दुबराज।
धान महंगा आय जी, रखथे सुघ्घर साज।।

बोवय बिसनू भोग ला, मन हा देख हर्षाय।
अइस महामाया बने, कम पानी हो जाय।।

करिया करिया धान हे, कहिथे केसर नाग।
बढ़िया खेती होय गा, कचरा जावय भाग।।

सबले मोटा होय गा, रानी काजर धान।
बड़का बाली हा रहै, कूत गिये बड़ जान।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट बेमेतरा
तह. नवागढ़, जिला बेमेतरा(छ.ग.)

संत गुरु घासीदास (हेम के दोहे)

बाबा घासीदास गा, तोर आय हव द्वार।
तँय हर दीया ज्ञान के, मोरो मन मा बार।।

निचट अज्ञानी मँय हवव, बता ज्ञान के सार।
बाबा अड़हा जान हव, जग ले मोला तार।।

दुनिया मा हावे भरै, माया के भण्डार।
आके मोरो तँय लगा, बाबा बेड़ा पार।।

सबो जीव बाबा हवै, जग मा तोर मितान।
सत्य बचन बाबा हवै, तोर जगत पहिचान।।

मानव मानव एक हे, जगत तोर संदेश।
भेद भाव मनके मिटै, आपस के सब क्लेश।

सादा जिनगी तोर हे, सादा हवै लिवाज।
सत रद्दा जिनगी चलै, रखै सत्य के लाज।।

बाबा तँय सतनाम के, सुघ्घर पन्त चलाय।
सत के झंडा देख ले, बाबा जग फहराय।।

सत के पूजा ला करै, बाबा घासीदास।
सत के रद्दा मा चलै, रहिके सत के पास।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट बेमेतरा
तह. नवागढ़, जिला बेमेतरा(छ.ग.)

खेल( हेम के दोहे)

खेलत खेलत सीख ले, जिनगी मा तँय ज्ञान।
बढ़ते ताकत खेल मा, होवय तन बलवान।।

खेलव खोखो कब्बडी, सुघ्घर दौड़ लगाव।
गिल्ली डंडा खेल के, आँखी नजर बढ़ाव।।

खेलव पचरंगा सबो, अउ जी संग कुदाल।
राजा रानी खेल मा, दुश्मन खोलव चाल।।

रेस टीप ला खेलबो, देख देख छूवाय।
पहला पारिस टीप ला, दाम देत रोआय।।

चल ठप्पा ला खेलबो, मिलके सबो लुकाय।
पहली ठप्पा हेम के, सब मिलके चिड़हाय।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट बेमेतरा
तह. नवागढ़, जिला बेमेतरा(छ.ग.)

24 जुल॰ 2020

*मोबाइल फोन (छप्पय छंद)*

मोबाइल के देख, हवय महिमा बड़ भारी।
करले सबसे गोठ, बता के दुनिया दारी।
शहर होय या गाँव, सबो मेर लगे टॉवर।
धरै हाथ मा फोन, बढ़े हमरो बड़ पॉवर।
पहुँचे झट संदेश हा, बाँचत हे हमरो समे।
सब मनखे ला देख ले, मोबाइल रहिथे रमे।

बित्ता भरके फोन, बाँध के सबला रखदिस।
बना एक परिवार, देख दुरिहा कम करदिस।
करव वीडयो कॉल, मया ला सुघ्घर देखव।
हाल चाल ला पूछ, सीख ला कतको लेलव।
बढ़िया कर उपयोग ला, इहाँ ज्ञान विज्ञान हे।
सही गलत पहिचान कर, मनखे बर वरदान हे।

बिन सिम कार्ड फोन, एकठन बस खोखा हे।
बिजली चार्जिंग जान, बिना एकर धोखा हे।
करवा प्लान रिचार्ज, इही एकर बर खाना।
डाटा रखें सहेज, रेम चिप हवय ठिकाना।
नेटवर्क संचार हे, जेकर मुख आधार जी।
अब मोबाइल फोन हे, इहाँ सबो बर सार जी।
-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, जिला बेमेतरा (छ. ग.)

21 जुल॰ 2020

चौमासा चौपाई छंद

चौपाई

चार महीना के चौमासा। लावय मन मा सुघ्घर आसा।
सबके हाँसत हे जिनगानी। आवत देखत बरखा रानी।1।

काँटा खूँटी करय बिनाई। होवय आसाढ़ म बोवाई।
नागर मा करके जोताई। बोवय धान ल बड़का भाई।2।

सावन आय छाय अँधियारी। दिखथे बदरी कारी कारी।
रात बरोबर दिन हा लागय। बादर मा जा सुरुज लुकावय।3।

बिजली हा बादर मा लउके। गरज गरज के ओहर कड़के।
घुमड़ घुमड़ के बरसे पानी। सुघ्घर होवय हमर किसानी ।4।

देख मेचका मन नरियावय। इंद्र देव ला इहाँ बुलावय।
झींगुर मन हर सोर मचावय। चौमासा हा उनला भावय।5।

हरियर हरियर देखव काँदी। घोंघी मन खेलत हे घाँदी।
मछरी मन हर कूदत नाचत। खड़े कोकड़ा ओला ताकत।6।

भरे लबालब नरवा तरिया। पानी पानी दिखथे नदिया।
कतको बोवय भाजी पाला। पनपे कीड़ा मन के जाला।7।

 सावन भादो आश्विन कहना। आय प्रकृति बर सुग्घर गहना।
हरियर रुख राई के पाना। देख देख मन गावय गाना।8।

अपन प्रकृति हा रंग दिखावय। सरग बरोबर भुइँया लागय।7।
 धरम करम के महिना आवय। चौमासा सबके मन भावय।9।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा




27 जून 2020

हेम के ताटंक छंद(बचपन के खेल)

किसम किसम के खेल ल खेलन, मिलके जी बाँटी भौरा।
बचपन  के  सुरता  आवत हे,  महावीर  गौरा  चौरा।1।

रेस टीप  अउ खोखो  ठप्पा, पचरंगा  गिल्ली डंडा।
पतरगढ़ी फुगड़ी खेले बर, अपनावन कतको फंडा।2।

देख सबो झन जुरियावन जी, रवि बंटी बल्ला बल्लू।
खेलन खेल ल मिलके संगी, सँग दादू लल्लू कल्लू।3।

रोज चलावन साईकिल ला, सबो गली अउ मोहल्ला।
एक एक रुपया ल सकेलन, पैसा डारे बर
गल्ला।4।

कूद कूद के भैसा धोवन, देवय बाबा हा पैसा।
खेले कूदे बर तरिया मा, बोरन दन कतको भैसा।5।

देख जवाना बदलत हावय, अब सब्बो हा नंदागे।
लइका से लेके सियान मन, मोबाइल मा फंदागे।6।

धरके मोबाइल ला चुपकन, कुरिया मा सब धंधागे।
तइहा के खेल ल नइ पावस, गेम वीडयो के आगे।7।

छोड़ वीडियो टीवी के लत, बने राख मन ला चंगा।
खेल कूद के बढ़िया संगी, नहा कठौती मा गंगा।8।

-हेमलाल साहू
ग्राम -गिधवा, पोस्ट- नगधा
तहसील- नवागढ़, जिला- बेमेतरा

चौपाई छंद(आधुनिक खेती)


आँव आधुनिक खेती करबो। अपन भाग्य ला सुग्घर गढ़बो।।
आगे हावय नवा जवाना। साथ समे के हवय निभाना।1।

ट्रेक्टर ले करबो बोवाई। बचत समय के होवय भाई।
नवा किसम के नवा निदाई। बन नाशक ले सींच दवाई।2।

करबो वैज्ञानिक अब खेती। जे मौसम ले करय सचेती।
रखबो बढ़िया से नव नेती। नफा होय बढ़ एखर सेती।3।

बाँध नहर उपयोगी भाई। आँव फसल सुघ्घर सिरजाई।
करँन पम्प ले जल खिंचाई। स्प्रिंकलर ले करबो सिंचाई। ।4।

यन्त्र आधुनिक कतको आगय। हार्वेस्टर थ्रेशर मन भागय।
होय कटाई संग मिसाई। सुघ्घर बाढ़य हमर कमाई।5।
-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

21 जून 2020

हेम के कुंडलिया


आँखी भारत देश ला,   झन तँय  देखा चीन।
जन्म जात के दोगला,   हावस तँय गुण-हीन।
हावस  तँय  गुण-हीन,  परे हे  चाल म  कीड़ा।
हमर  देश  के  शान,   तोर  बर  हावय  पीड़ा।
गिरबे  मुड़  के  भार,   हवय  डेना  ना  पाँखी।
झन तँय उड़ आगास, दिखाके हमला आँखी।1।

करथस छुपके पीठ मा, रतिहा कन तँय वॉर।
हवस हरामी चीन तँय,   जाबे   हरदम   हार।
जाबे हरदम हार,  छोड़ तँय  अपन अनैतिक।
रखथे हिम्मत पोठ,  हमर  भारत  के सैनिक।
सबो देश कन बैर,  चीन  तँय काबर रखथस।
जीत कभू नइ पास,  तभो लड़ई ला करथस।2।

आनी बानी खात हव, जीव मार के रोज।
कुकर बिलाई बेंदरा,  साँप डेरु केे  गोज।
साँप डेरु के गोज, हवव  कतका पापी रे।
होय प्रकृति हा नाश, बनव अब संतापी रे।
छोड़ बैर के भाव,  मया केे गढ़व  कहानी।
जीव मार झन खाव, रोग हो आनी बानी।3।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

हेम के अमृतध्वनि छंद(कोरोना)


ढावत कोरोना कहर, जी के हे जंजाल।
फैलावत हे रोग ला, बनके हमरे काल।
बनके हमरे, काल आय हे, माहामारी।
मनखे रोवत, आये हावय, विपदा भारी।
गाँव शहर मा, रोगी देखव, कसके बाढ़त।
कोरोना हा, अपन कहर ला, रोजे ढावत।
-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

हेम के कुंडलिया(बाबू)

रहिथेे बाबू साथ मा, बनके ताकत मोर।
जेकर आर्शीवाद ले, हावव बने सजोर।
हावव बने सजोर, करँव जेकर मँय पूजा।
मानव मँय भगवान, नहीं अउ कोई दूजा।
सबके भार उठाय, दुःख पीड़ा ला सहिथे।
बाँधे रख परिवार, संग हमरे जी रहिथे।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

20 जून 2020

हेम के अमृतध्वनि छंद

रुख राई ला काँट झन, मानव जी उपकार।
जेमा जिनगी हा बसे, करव प्रकृति ले प्यार।।
करव प्रकृति ले, प्यार सदा जी, सुख ला पाबे।
पेड़ लगा के, प्रकृति बचाके, फल ला खाबे।।
सोच समझ के, जग ला दूषित, कर रे भाई।
नाश होय जग, काँटे जम्मो, जब रुख राई।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

14 जून 2020

छंद परिवार ला समर्पित(कुंडलिया छंद)

सँवरे जिनगी हा जिहाँ, पाके सुघ्घर ज्ञान।
हवय छंद परिवार हा, सबले मोर महान।
सबले मोर महान, करँव जेकर मँय पूजा।
अइसन घर परिवार, मिले ना जग मा दूजा।
बनके साधक दीप, आज जग मा हे बगरे।
अहो भाग्य हे मोर, जिहाँ जिनगी हा सँवरे।
-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

हेम के कुण्डलिया (मस्तुरिया जी ला समर्पित)

जन नायक कवि तोर जस, जघा कौन ले पाय।
देश राज के तोर बिन, कोने हाल सुनाय।
कोने हाल सुनाय, इहाँ कौन स्वाभिमानी।
जन पीड़ा ला कौन, रचे बनके बलिदानी।
राज हितैषी आज, तोर कस नइहे लायक।
भारत माँ के रत्न, देश के तहि जन नायक।

छत्तीसगढ़ के माटी पूत वीर सपूत जन नायक कवि लक्ष्मण मस्तुरिया जी ला समर्पित आल्हा छंद एकठन रचना.......


माटी के हमर दुलरु बेटा, लिखत रहिस जन मन के पीर।
हमर राज के मस्तुरिया जी, रहिस हवे जन नायक वीर।1।

गीत लिखे ओ सदा मीत के, बाँटय सदा मया के खीर।
आडम्बर के घोर विरोधी, कहिले जेला हमर कबीर।2।

मस्तुरिया के सबो गीत ला, गाँव गाँव अउ शहर बजाँय।
अमर रत्न भारत माता के, सब जन मन ला जौन जगाँय।3।

रहिस स्वाभिमानी सच्चा जे, करतिस देश हितैषी गोठ।
ठेठ ठेठ छत्तीसगढ़ी मा, रचना करतिस ओ हर पोठ।4।

लोक कला ले जुड़के भइया, बगराइस सुघ्घर अंजोर।
गिरे थके मनखे मनके अउ, परे डरे मन के लेवय सोर।5।

नमन आज दिल से उनला हे, हाथ जोड़ के बारम्बार।
मस्तुरिया जी के सपना ला, आवव करबो हम साकार।6।
-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

31 मई 2020

विश्व तम्बाकू(माखुर) निषेध दिवस मा एकठन हेम के अमृत ध्वनि छंद समर्पित.........


खैनी गुटखा संग मा, करें गुड़ाखू भोग।
पी बीड़ी सिगरेट दे, न्यौता कैंसर रोग।
न्यौता कैंसर, रोग मौत के, हावय सीढ़ी।
डूबै हावय, देख नशा मा, जम्मो पीढ़ी।
माखुर सेवन, रोग संग दे, मन बेचैनी।
छोड़त नइहे, तभो खाय बर, गुटखा खैनी।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

मजदूर ऊपर हेम के कुंडलिया सादर समर्पित हावय

आँय पुजारी मेहनत, के इन सब मजदूर।
करिन पलायन पेट बर, होके जी मजबूर।।
होके जी मजबूर, पाय बर दाना पानी।
कोरोना के काल, गढ़िस से अजब कहानी।
होवत हें हलकान, भूख के हे लाचारी।
लगथें इन इन्सान, दु:ख के आँय पुजारी।2।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

2 मई 2020

कोरोना वायरस

🌺बरवै छंद🌺

कतको होत वायरस, ले बीमार।
लक्षण सर्दी खाँसी, संग बुखार।1।

कोविड नाइन्टिन हे, जेकर नाम।
मिले संक्रमण ले गा, ना आराम।2।

रहव एक मीटर ले, सबले दूर।
चेतावत हव मँय, हर भरपूर।3।

जाबे झन तँय संगी, ककरो तीर।
ददा होय या दाई, रख मन धीर।4।

बंद रहव घर मा तब, भागय रोग।
राख सावधानी ला, करलव योग।5।

शासन के देवव सब, मिलके साथ।
बार बार साबुन मा,  धोवव हाथ।6।

बिन कारण ले बाहर, झन गा जाव।
मिलके कोरोना ला,  आँव भगाव।7।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

डॉ भीमराव अंबेडकर

कज्जल छंद

जय हो अम्बेडकर तोर।
गावँव महिमा हाथ जोर।
लाये बिद्या के अँजोर।
बाँटे तँय हर गली खोर।1।

सत्य अहिंसा रहय शान।
गाँधी जी के तँय मितान।
सुघ्घर बोली मीठ जुबान।
जन मा बसथे तोर प्रान।2।

पढ़के आये तँय बिदेश।
कभू रखे ना कपट वेश।
हरे देश के सबो क्लेश।
राखे बाबा जन उद्देश।3।

संविधान हाँ बनिस वेद।
रहे कोउनो ला न खेद।
मन होइस सबके सफेद।
जात पात के मिटे भेद।4।

जन ला देवाय अधिकार।
ऊँच नीच के करे उपचार।
मन विद्या के ज्योति बार।
जन ला बनाय होशियार।5।
-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

हेम के आल्हा छंद

चरदिनिया जिनगानी हावय, करलव सेवा पर उपकार।
अपन समय झन खो रे संगी, बइठे घर मा तँय लाचार।1।

अलख जगा बिद्या के जग मा, शिक्षा के दीया ला बार।
पाठ पढ़ा तँय मानवता के, बगरे झन ईष्या के नार।2।

जात पात के भेद भाव मा, मानवता ला झन तँय टोर।
दया मया के बाँध गाँठ ला, टूटय झन सुम्मत के डोर।3।

मन्दिर मज्जिद गुरुद्वारा अउ, चर्च सबो ला एक्के जान।
मानवता सबले बड़का हे, हमरे बर जग मा भगवान।4।

मिले नहीं गा बिना करम के, कोनो ला फल तँय हर मान।
छोड़ भाग्य कर अपन भरोसा, तोर बनय जे हर वरदान।5।

प्रकृति संग मा करव मितानी, मिलही भैया सुख के छाँव।
सत्य अहिंसा के रद्दा मा, अपन अपन रेगालव पाँव।6।
-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

1 मई 2020

हेम के शंकर छंद

पेट भरे खातिर जाँगर ला, जौन पेरत जाय।
ढेला पखरा माटी के सँग, बोझ सबे उठाय।
गार पसीना महल अटारी, जौन सदा बनाय।
खुद के जेकर घर नइहेे जी, रात कहाँ पहाय।1।

रॉपा हँसिया कुदरी कतकोे, तोर हे औजार।
तोर मेहनत ले पावय सब, अन्न के भण्डार।
तोर श्रम ले फैक्टरी चले, अउ चले व्यापार।
सबके पेट भरे तँय भूखा, तोर हे परिवार।2।

रोज रात दिन करें मेहनत, अपन जाँगर पेर।
फुटहा काबर तोर करम हे, भाग्य के अंधेर।
भेद भाव ला छोड़ करे तँय, मेहनत सब मेर।
भाग्य गढ़े सब तोर करम ले, तोर दुच्छा फेर।3।

सर्दी गरमी भूख प्यास ला, तँय सहे हर बार।
रोड बनाथस जंगल झाड़ी, संग काँट पठार।
तोर भुजा मा ताकत बसथे, तोर हे उपकार।
कहिथे तोला दुनिया भैया, देश के बनिहार।4।
- हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

15 अप्रैल 2020

*चौपाया छन्द*

तोरो हो पीड़ा, परही कीड़ा, देवत सब जन गारी।
पापी कोरोना, कोना कोना, फैला झन बीमारी।
जनता हाँ रोवे, जन ला खोवे, छोड़व अत्याचारी।
कोरोना हारय, अबतो भागय, करव सबो तैयारी।1।

लक्षण ला जानव, अब पहिचानव, कोरोना बीमारी।
सुनले तँय संगी, सह ले तंगी, बन्द रहव घर द्वारी।
हमरे अब पारी, संयम वारी, दूर रहव सँगवारी।
तँय रोना धोना, कर कोरोना, तोर काल के बारी।2।
-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

4 अप्रैल 2020

हेम के दोहे

ग्रहण धरलिस देश ला, जाने कौन बचाय।
कोरोना के रोग हा, रोजे बाढ़त जाय।1।

गाँव शहर मा देख ले, सबो हवय घबराय।
कोरोना के डर घलो, भीतर भीतर खाय।2।

ताकत भारत देश के, कोरोना ल बताव।
गाँव शहर सब एक हो, एला गा चेताव।3।

राज छोड़ तँय देश ले, सुन कोरोना बात।
हमरो सप्पर मा परै, ता खाबे तँय लात।4।

वास् वाइरस के घलो, तोड़व घर ला खोज।
हमर देश मा झन बसे, बन्दी कर दव रोज।5।

वादा करलव देश बर, मिलके रहिबो एक।
कोरोना हा देख के, घुटना देवय टेक।6।

तहुँ जाबे जग छोड़ के, ज्यादा झन इतराव।
यमपुर ले तो एकदिन, आही तोर बुलाव।7।

घर मा घुसरे बर सबो, होंगे हे मजबूर।
कोरोनो के रोग ले, होंगय अपने दूर।8।

रहव लॉक डाउन सबो, घर मा गा कुछ टेम।
घर ले बाहर जॉव झन, रख जिनगी से प्रेम।9।

सबो अपन घर मा रहौ, बाहर झन गा जाव।
घर मा रहिके आँव सब, कोरोना ल हराव।10।

रोग भगा अब देश ले, जम्मो रहय निरोग।
कोरोना हा भागही, घर घर अपना योग।11।
-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

14 मार्च 2020

कोरोना वाइरस

सबो मुड़ा डर छाय, देश दुनिया मा संगी।
कइसे बचही प्रान,   वाइरस  हे अँतरंगी।।
बाढ़त हवय मरीज, सबो ओना कोना केे।
फैलादिस  हे चीन, वाइरस  कोरोना  के।।

खाँसी संग बुखार,  हरय लक्षण कोरोना।
हाथ सदा हो साफ, हाथ साबुन मा धोना।
डॉक्टर बइगा फूक, लगय ना जादू टोना।
रख सेहत के ध्यान, प्रान ला नइहे खोना।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

25 फ़र॰ 2020

शंकर छंद

नैतिक शिक्षा
नैतिक शिक्षा जग बगरा के, लाव नवा सुराज।
जात पात ला ऊँच नीच के, पाट दव गा आज।।
भैर भाव ला मन के मेटव, करव सबसे प्रेम।
जिनगी के दिन बस चार हवय, फेर नइहे टेम।।

राजनीति
राजनीत बर दंगा ला अब, झन इहाँ भड़काव।।
पद अउ पैसा के ताकत मा, साँच ल झन दबाव।
जाति धर्म के खातिर भैया, फेर झन ग लड़ाव।।
पानी कस खून पसीना ला, आज झन ग बहाव।।

- हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

21 फ़र॰ 2020

*प्लास्टिक*

प्लास्टिक ले दूषित सबो, खाना कैंसर लाय।
प्लास्टिक हा जब भी जले, प्रदूषण फैलाय।।

बंद प्लास्टिक ला करौ गा, लाव झन उपयोग ला।
हानि कारक बड़ हवे गा, लाय तन मा रोग ला।।
जे सड़े  ना  अउ  गले ना,  पाय सब घर द्वार गा।
खेत  बिगड़े  होय बंजर,  हानि  हे  भरमार  गा।।

सोच गुन के आज ले गा, बंद प्लास्टिक ला करौ
हाट मा कुछु चीज ले बर , बैग कागज के धरौ।।
दूर हो उपयोग प्लास्टिक, जन सबो ला तँय जगा।
गाँव अउ मिलके शहर सब, आँव प्रदूषण भगा।।

प्लास्टिक कचरा दूर कर, गाँव शहर ला साज ले।
बंद होय उपयोग हाँ, प्लास्टिक के गा आज ले।।
-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

4 जन॰ 2020

हेम के ताटंक छंद

किसम किसम के खेल ल खेलन, मिलके बाँटी भौरा।
बचपन  के  सुरता  आवत हे,  महावीर  गौरा  चौरा।1।

रेस टीप  अउ खोखो  ठप्पा, पचरंगा  गिल्ली डंडा।
पतरगढ़ी फुगड़ी खेले बर, अपनावन कतको फंडा।2।

देख सबो झन जुरियावन जी, रवि बंटी बल्ला बल्लू।
खेलन खेल ल मिलके संगी, सँग दादू लल्लू कल्लू।3।

रोज चलावन साईकिल ला, सबो गली अउ मोहल्ला।
एक एक रुपया ला माँगन, डारन बर पैसा गल्ला।4।

कूद कूद के भैसा धोवन, देवय बाबा हा पैसा।
खेले कूदे बर तरिया मा, बोरव कतको ले भैसा।5।

देख जवाना बदलत हावय, अब सब्बो हा नंदागे।
लइका से लेके सियान मन, मोबाइल मा फंदागे।6।

धरके मोबाइल ला चुपकन, कुरिया मा सब धंधागे।
तइहा के खेल ल नइ पावस, गेम वीडयो के आगे।7।

छोड़ वीडियो टीवी के लत, बने राख मन ला चंगा।
खेल कूद के बढ़िया संगी, नहा कठौती जी गंगा।8।

-हेमलाल साहू
ग्राम -गिधवा, पोस्ट- नगधा
तहसील- नवागढ़, जिला- बेमेतरा

30 नव॰ 2019

हेम के दोहे

मनखे मनखे एक हन, काबर करथच भेद।
जात पात ला देख के, तोला काबर खेद।1।

गाँव शहर सब एक हो, जात पात ला छोड़।।
भाई चारा ला  बढ़ा,  सबसे  नाता  जोड़।2।

करथे देश समाज ला, देखव नशा उजाड़।
नशा नाश के जड़ हवे, एला फेक उखाड़।3।

बेटी घलोक कम नहीं, झन रख मन मा धोख।
बेटी  बेटा  एक  हे,  मरवा  झन  तँय  कोख।4।

सोच समझ अच्छा बुरा, सत रस्ता अपनाव।
देख परक के देश मा, मुखिया ला चुन लाव।5।

गाँव शहर मिलके सबो, शिक्षा ला बगराव।
सुम्मत के रस्ता बना, भोर नवा ले आव।6।

जिनगी के दिन चार हे, सब बर हे अनमोल।
मन के कड़ुवा फेक के, गुरतुर बोली बोल।7।

सबला मानिस एक हे, बाँट मया के खीर।
बाबा घासीदास हो, या हो संत कबीर।8।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

तुरते ताही

‎मोर मया के किस्सा (हेम के सार छंद)‎

‎हास्य कविता  ‎मोर मया के किस्सा (हेम के सार छंद) ‎ ‎एक्के झन हे मोर मयारू, सुरता आवय रतिया। ‎सुनलव मोर मया के किस्सा, नाव हवे फुलमतिया।। ‎ ...