18 मई 2018

हेम के कुण्डलिया

भाई सुनले गोठ ला, बने लगा के चेत।
बीड़ी गुटका संग मा, दारू जीवे लेत।।
दारू जीवे लेत, काल के जानव संगी।
करथे घर ला नाश, लाय पैसा के तंगी।।
कहे हेम कविराय, नशा छोड़े म भलाई।
सुखी रही परिवार, मान ले बात ल भाई।।
-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
छत्तीसगढ़, मो. नं. 9977831273

तुरते ताही

धरहूँ माटी भेस 🌿

‎धरके माटी भेस 🌿 ‎ ‎चिमनी के बाती कस जरके, ‎अँधियार ला हरावँ। ‎दया-मया के आखर भर के, ‎सबके बात सुनावँ।। ‎ ‎छत्तीसगढ़ी के माटी मा, ‎अपन पसीन...