15 मार्च 2018

हेम के छन्न पकइया छंद‎‎‎ -मितानी के मया-

‎हेम के छन्न पकइया छंद

‎मितानी के मया

‎छन्न पकइया छन्न पकइया,
‎अटूट रहय मितानी।
‎बाँधे राख मया के रिस्ता,
‎रखही मान मितानी।।

‎छन्न पकइया छन्न पकइया,
‎मिलके अलख जगाबो।
‎सुख-दुख मा बनके सँगवारी,
‎जिनगी संग निभाबो।।

‎छन्न पकइया छन्न पकइया,
‎मन के मैल भगाबो।
‎मया-नेह के फूल खिलाके,
‎जग सुवास बगराबो।।

‎छन्न पकइया छन्न पकइया,
‎आवव हाथ मिलाबो।
‎मिहनत कर सब्बो सँगवारी,
‎खुशहाली बगराबो।।

‎छन्न पकइया छन्न पकइया,
‎रचबो नवा कहानी।
‎मोर मयारू मितवा-हितवा,
‎बनही मया निशानी।।

‎रचनाकार-हेमलाल साहू

‎गाँव - गिधवा, जिला - बेमेतरा



10 मार्च 2018

हेम के कुण्डलिया(बेटी)


बेटी घर के शान ये, देवव मया दुलार।
लक्ष्मी दुर्गा अउ हरे, सीता के अवतार।।
सीता के अवतार, मान बेटी के राखव।
देवव गा सम्मान, भेद भाव झने मानव।।
कहे हेम कविराय, धरे सुख के जी पेटी।
जग बर हे अनमोल, शान ये घर के बेटी।।
-  हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा 
छत्तीसगढ़ पिन- 491340

हेम के कुण्डलिया

दाई   बाबू   मोर   हे,  चारो   तीरथ  धाम।
रोजे साँझ बिहान गा, जेकर  जपथौ नाम।
जेकर जपथौ नाम, करँव मयँ हर जी पूजा।
मानव  मयँ  भगवान, अऊ  नइ हावे दूजा।
कहत  हेम  कविराय, बात  मानव  रे भाई।
हावय  जग  अनमोल, जान  ले  बाबू दाई।।
-  हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा 
छत्तीसगढ़ पिन- 491340

8 मार्च 2018

(*त्रिभंगी छंद*) नारी

सबके महतारी, जग मा नारी, ओकर मयँ नित, मान रखवँ।
हे राज दुलारी, सबके प्यारी, जेकर मयँ नित, गान करवँ।।
कहिथे जग तरनी, विपदा हरनी, जेहर महिमा, सार हवय।
नित आगू जावय, नाम कमावय, जग के ओहर, भार हरय।।
*-हेमलाल साहू*
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
(छत्तीसगढ़) मो. 9977831273

तुरते ताही

‎मोर मया के किस्सा (हेम के सार छंद)‎

‎हास्य कविता  ‎मोर मया के किस्सा (हेम के सार छंद) ‎ ‎एक्के झन हे मोर मयारू, सुरता आवय रतिया। ‎सुनलव मोर मया के किस्सा, नाव हवे फुलमतिया।। ‎ ...