जबले गा आइस हवे, जग मा इंटरनेट।
जग हा समटागें हवे, करले सबसे चेट।।
करले सबसे चेट, कहा दुरिहा अब हावय।
करके मेल मिलाप, ठसन ले गोठीयावय।।
पूछय जम्मो हाल, भेंट ला करके सबले।
बाँधय इंटरनेट, मोह मा आइस जबले।।
- हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
जनम जनम के बंधना, मया प्रीत के छाँव। भुइँया के बेटा हरव, जेकर महिमा गाव।। मोर छत्तीसगढ़ी रचना कोठी।
13 फ़र॰ 2018
*इंटरनेट*(हेम के कुण्डलिया)
*शिव भोला*(हेम के कुण्डलिया)
सुनले शिव भोला बने, करत हवव गोहार।
तोर शरण मा आय हव, करदे नइया पार।।
करदे नइया पार, रहे ना मन अभिलासी।
जग के तारन हार, तही घट घट के वासी।।
कहत हेम कविराय, मैल ला मेटव मनले।
कण्ठ बिराजव मोर, बने शिव भोला सुनले।।
- हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
5 फ़र॰ 2018
हेम के कुण्डलिया
सुनले बैसाखू कका, बिगड़े घर तन खेत।
बरबाद करँय ये नशा, बने लगा ले चेत।
बने लगा ले चेत, रोग लावय गा भारी।
रहय न घर अउ घाट, संग रहिथे लाचारी।
कहत हेम कविराय, बने तँय एला गुनले।
नशा काल के जाल, कका बैसाखू सुनले।
- हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
तुरते ताही
हेम के दोहे (बाल जनऊला)
हेम के दोहे (बाल जनऊला) नाच नचावँन अंगरी, काम सबो के आँन। सारी जग के बात ला, ले पहुँचावँन कान।। संग दिखे अंजोर मा, फेर चलय ना साँस...
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बाबा घासीदास गा, तोर आय हव द्वार। तँय हर दीया ज्ञान के, मोरो मन मा बार।। निचट अज्ञानी मँय हवव, बता ज्ञान के सार। बाबा अड़हा जान हव, जग ले मोल...
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निकले वापस फेर ना, आवय तोर जुबान। जइसे निकले तीर ले, आवय नहीं कमान।। आवय नहीं कमान, बात ला छेड़व गुनके। शारद दे आशीष, शब्द ला रखलव चु...
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ढोलक तबला थाप मा, बाजय मांदर संग। नाचय साधक साधके, देखव पन्थी रंग।। बाबा घासी दास के, करथे सुघ्घर गान। गावय महिमा देखले, गुरु के करत बखान।। ...