16 अप्रैल 2022

जय हनुमान (हेम के बरवै छन्द)

प्रभु श्री राम दुलारे, जय हनुमान।
महाबली जग के, तँय भगवान।।

तन मन अपन बसाये, प्रभु श्री राम।
आठो पहर राम के, जपथस नाम।।

बल बुद्धि शक्ति सबला, देय अपार।
नर नारी तोर लगावै, सब जयकार।।

नाम लेत सब विपदा, हर टल जाय।
कन्द मूल फल तोला, हे मन भाय।।

सुमिरत तोर नाम ला, काँपे भूत।
अपन संग धर लाये, यम के दूत।।

दुश्मन भाग बचाये, अपन परान।
जय होवै महावीर,  जय हनुमान।।

-हेमलाल साहू
छंद साधक सत्र-1
ग्राम-गिधवा, जिला बेमेतरा

तुरते ताही

धरहूँ माटी भेस 🌿

‎धरके माटी भेस 🌿 ‎ ‎चिमनी के बाती कस जरके, ‎अँधियार ला हरावँ। ‎दया-मया के आखर भर के, ‎सबके बात सुनावँ।। ‎ ‎छत्तीसगढ़ी के माटी मा, ‎अपन पसीन...