21 जून 2020

हेम के अमृतध्वनि छंद(कोरोना)


ढावत कोरोना कहर, जी के हे जंजाल।
फैलावत हे रोग ला, बनके हमरे काल।
बनके हमरे, काल आय हे, माहामारी।
मनखे रोवत, आये हावय, विपदा भारी।
गाँव शहर मा, रोगी देखव, कसके बाढ़त।
कोरोना हा, अपन कहर ला, रोजे ढावत।
-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

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