14 जून 2020

हेम के कुण्डलिया (मस्तुरिया जी ला समर्पित)

जन नायक कवि तोर जस, जघा कौन ले पाय।
देश राज के तोर बिन, कोने हाल सुनाय।
कोने हाल सुनाय, इहाँ कौन स्वाभिमानी।
जन पीड़ा ला कौन, रचे बनके बलिदानी।
राज हितैषी आज, तोर कस नइहे लायक।
भारत माँ के रत्न, देश के तहि जन नायक।

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