31 मई 2020

मजदूर ऊपर हेम के कुंडलिया सादर समर्पित हावय

आँय पुजारी मेहनत, के इन सब मजदूर।
करिन पलायन पेट बर, होके जी मजबूर।।
होके जी मजबूर, पाय बर दाना पानी।
कोरोना के काल, गढ़िस से अजब कहानी।
होवत हें हलकान, भूख के हे लाचारी।
लगथें इन इन्सान, दु:ख के आँय पुजारी।2।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

कोई टिप्पणी नहीं:

तुरते ताही

हेम के दोहे व्यंग्य के बान

‎ ‎हेम के दोहे व्यंग्य के बान  ‎ ‎राजनीति मा दोगला, लबरा मन के राज। ‎आँखी रहिके अंधरा, होगे हमर समाज।। ‎ ‎मनखेपन बिकगे इहाँ, स्वारथ के व्याप...