17 फ़र॰ 2017

मै बेटा छत्तीसगढ़ीया(आल्हा छन्द)

मै बेटा छत्तीसगढ़ीया, हरै मोर भुइँया भगवान।
भुइँया के सेवा ला करथव, बसथे जेमा मोर परान।।

मैं भुइँया के आँव पुजारी, हावय जेमा मया दुलार।
दाई के सेवा मा रहिथव, रात अऊ दिन मै मतवार।।

संगी के संगी जानव गा, बन जाथव जेकर मैं ढाल।
बैरी के बैरी जानव गा, बन जाथव जेकर मैं काल।।

ए भुइँया बर आँख झन गड़ाबे, आँखी लेहू तोर निकाल।
ए भुइँया संग मया करबे, दया मया देहू भरमाल।।

भोला भाला झने समझबे, जानव गा हमला तलवार।
लाल आँन भुइँया दाई के, जेकर बर हे मया अपार।।

- हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
छत्तीसगढ़, मो. 9977831273

1 टिप्पणी:

अमित सिंगारपुरिया ने कहा…

बढिया रचना रचे हव हेम भाई।

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