25 अग॰ 2016

दाई शारद मोर (हेम के रोला)

दाई शारद मोर, ज्ञान दे दे अनमोले।

मोर लगै हे आस, मिले विद्या के बोले।

साधक बनके तोर, साधना पूरा करहूँ।

सदा पाँव आशीष, शरण मा तोरे रइहूँ।।


-हेमलाल साहू

ग्राम गिधवा, जिला बेमेतरा(छ.ग.)

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