23 अग॰ 2016

कमरछठ

हवे कथा ला सुनत, देख परभू के खासे।

आज कमरछठ आय, रखै हे दई उपासे।।

सुघ्घर जिनगी अपन, पूत बर हावे माँगत।

दाई ला परनाम, सदा रहे जियत जागत।।


-हेमलाल साहू 

ग्राम गिधवा, जिला बेमेतरा(छ. ग.)

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