1 अग॰ 2016

*नशा नाश के गढ़ ए*(पकैया छंद)


छन्न पकैया छन्न पकैया, नशा नाश के गढ़ ए।
नाश करै घर सबके संगी, रोग लाय के जड़ ए।1।

छन्न पकैया छन्न पकैया, दारू चेत बिगाड़य।
देख कका दसरू हा पीके, आँय बाँय चिल्लावय।2।

छन्न पकैया छन्न पकैया, बीड़ी खाँसी लाये।
करै फेफड़ा धुँगिया धुँगिया, कुँआ मौत के ताये।3।

छन्न पकैया छन्न पकैया, कैसर लाय गुड़ाखू।
गोहारत हव बात मान ले, भैया तँय बैसाखू।4।

छन्न पकैया छन्न पकैया, लाय गरीबी तंगी।
बड़े बड़े ज्ञानी मन कहिथे, नशा काल के संगी।5।

छन्न पकैया छन्न पकैया, छोड़ नशा ला भाया।
हाथ जोड़ के करथौं अरजी, सुख के पाहू छाया।6।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

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