3 मई 2016

बात टमड़ ले तँय (हेम के दोहे)

देख फेसबुक मा सबे, करथे अपन बखान।

कउनो ला देखे नही, सब मनखे अंजान।।


बात टमड़ ले तँय बने, करँव उँखर पहचान।

कउँआ लेगे कान ला, बिन देखे मत मान।।


-हेमलाल साहू

ग्राम गिधवा, जिला बेमेतरा(छ. ग.)

कोई टिप्पणी नहीं:

तुरते ताही

धरहूँ माटी भेस 🌿

‎धरके माटी भेस 🌿 ‎ ‎चिमनी के बाती कस जरके, ‎अँधियार ला हरावँ। ‎दया-मया के आखर भर के, ‎सबके बात सुनावँ।। ‎ ‎छत्तीसगढ़ी के माटी मा, ‎अपन पसीन...