देख फेसबुक मा सबे, करथे अपन बखान।
कउनो ला देखे नही, सब मनखे अंजान।।
बात टमड़ ले तँय बने, करँव उँखर पहचान।
कउँआ लेगे कान ला, बिन देखे मत मान।।
-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, जिला बेमेतरा(छ. ग.)
जनम जनम के बंधना, मया प्रीत के छाँव। भुइँया के बेटा हरव, जेकर महिमा गाव।। मोर छत्तीसगढ़ी रचना कोठी।
हास्य कविता मोर मया के किस्सा (हेम के सार छंद) एक्के झन हे मोर मयारू, सुरता आवय रतिया। सुनलव मोर मया के किस्सा, नाव हवे फुलमतिया।। ...
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