25 मई 2016

नोट (हेम के दोहे)

देख बबा गाँधी के उड़ेे, जम्मो भारत शोर।

करे नोट खातिर गोठ ला, जम्मो कोती तोर।।


दस से रथे हजार के, सुग्घर निक ले नोट।

रुपया खातिर होय गा, सबके मनमा खोट।।


बबा देख ये नोट के, अड़बड़ हावय मोल।

ऐकर खातिर लोग मन, करथे टाल मटोल।।


-हेमलाल साहू

ग्राम गिधवा, जिला बेमेतरा(छ. ग.)

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