दया मया के होत हे, इहाँ हमर जी गोठ।
देख सबो के मन भरै, रिश्ता बनथे पोठ।।
जम्मो संगी मिल रहे, दरद सबो के जान।
माटी बेटा आन गा, जम्मो हमन किसान।।
-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तह. नवागढ़, जिला बेमेतरा(छ. ग.)
जनम जनम के बंधना, मया प्रीत के छाँव। भुइँया के बेटा हरव, जेकर महिमा गाव।। मोर छत्तीसगढ़ी रचना कोठी।
हेम के दोहे (बाल जनऊला) नाच नचावँन अंगरी, काम सबो के आँन। सारी जग के बात ला, ले पहुँचावँन कान।। संग दिखे अंजोर मा, फेर चलय ना साँस...
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