27 जुल॰ 2020

फूल (हेम के दोहे)

फूले फूल गुलाब के, भँवरा हा मँडराय।
सुघ्घर के चक्कर परे, काँटा मा छेदाय।।

सबके पावय जे मया, बनके सुघ्घर फूल।
सबके मन ला मोह के, रखथे सबला कूल।।

चम्पा मन मुस्कात हे, गीत चमेली गात।
गोंदा ठोकत ताल ला, देख चँदैनी रात।।

सुघ्घर कहत गुलाब हा, सुनव मोंगरा बात।
जाबो दाई दुवरिया, गीत हमन जस गात।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तह. नवागढ़, जिला बेमेतरा(छ. ग.)

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