21 मार्च 2017

हेम के कुण्डलिया

माया के दुनिया हरै, बनबे झने अलाल।।
मँय मँय ला छोड़ के, आदत सुघ्घर डाल।
आदत सुघ्घर डाल, मेहनत के बन साथी।
दान दया ला राख, जगत के बन परमार्थी।।
कहै हेम कविराय, हवय माटी के काया।
छोड़व मँय के मोह, हरै दुनिया के माया।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा,
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा,
छत्तीसगढ़। मो. 9977831273

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