9 अप्रैल 2017

हेम के कुण्डलिया

मन मा बसथे पाप हा, फइले माया जाल।
सबला बइठे देखथे, चुपकन आ के काल।।
चुपकन आके काल, समझ कोनो नइ पावय।
पक्का हावय समय, काल भूल नई जावय।।
जिनगी के दिन चार, हँसी से रहले जग मा।
माया चक्कर फेर,  पाप हा बसथे मन मा।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा,
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा,
छत्तीसगढ़। मो. 9977831273

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