9 मार्च 2017

हेम के कुण्डलियाँ

दारू ला अब बेचही, देखव जी सरकार।
पइसा खातिर आज ये, करत हवै बेपार।।
करत हवै बेपार, मारही अब मनखे ला ।
दारू भट्टी खोल,   लगाही मेला ठेला ।।
पीके कतको रोज, मरँय झँगलू बुधवारू।
हद होगे सरकार,  बेचही अब ले दारू।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा,
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा,
छत्तीसगढ़। मो. 9977831273

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