18 नव॰ 2016

शोभन छंद

तुलसी
पूजा रोज तैह करले, सुमर तुलसी नाम।
हरथे रोग शोक मनके, सफल करथे काम।।
तुलसी मा हवे बिराजै, देख लछमी मात।
सालिक राम संग परभू, बिसनू हे समात।।

पुन्नी
अपने  छोड़ मोह माया, चल गंगा नहान।
पुन्नी मा पून्य कमा ले, करव सुघ्घर दान।।
तन मन राख अपन पावन, परभू करव ध्यान।
पावय भाव भजन दरशन, ला दियै भगवान।।

-हेमलाल साहू
ग्राम- गिधवा, पोस्ट- नगधा
तहसील -नवागढ़, जिला बेमेतरा
छत्तीसगढ़, मो. नं.-9977831273

कोई टिप्पणी नहीं:

तुरते ताही

धरहूँ माटी भेस 🌿

‎धरके माटी भेस 🌿 ‎ ‎चिमनी के बाती कस जरके, ‎अँधियार ला हरावँ। ‎दया-मया के आखर भर के, ‎सबके बात सुनावँ।। ‎ ‎छत्तीसगढ़ी के माटी मा, ‎अपन पसीन...