4 सित॰ 2016

रूपमाला/मदन छंद [सम मात्रिक]

देख सुघ्घर हवै संगी, नानपन के गाँव।
खेत अउ खार हावे, हवय पीपर छाँव।।
नीम चौरा हवै बइठे, सीतला माँ मोर।
पीर सबके हरत दाई, रखत सबके सोर।।

सोन चिरई हवै खेलत, आँगना के छोर।
राग गावत हवै मनके, भाग जागे मोर।।
राख लेवा सबो संगी, अपन मनमें प्रेम।
मोर बिनती हवै परभू , रख ख़ुशी हर टेम।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
(छत्तीसगढ़) मो. 9977831273

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