13 सित॰ 2016

@जय जय हनुमन्ता@

जय जय हनुमन्ता, तँय बलवन्ता, राम भगत  जग, कष्ट हरौ।
रख शक्ति अनंता, निशचर हन्ता, सबके मनके पाप हरौ।।
मोरे भगवाने, जय हनुमाने, उर म विराजे , ज्ञान भरौ।।
हे राम दुलारे, सबके प्यारे, मम उर नित तुम, वास करौ।

-हेमलाल साहू

कोई टिप्पणी नहीं:

तुरते ताही

‎मोर मया के किस्सा (हेम के सार छंद)‎

‎हास्य कविता  ‎मोर मया के किस्सा (हेम के सार छंद) ‎ ‎एक्के झन हे मोर मयारू, सुरता आवय रतिया। ‎सुनलव मोर मया के किस्सा, नाव हवे फुलमतिया।। ‎ ...