15 मार्च 2018

हेम के छन्न पकइया छंद‎‎‎ -मितानी के मया-

‎हेम के छन्न पकइया छंद

‎मितानी के मया

‎छन्न पकइया छन्न पकइया,
‎अटूट रहय मितानी।
‎बाँधे राख मया के रिस्ता,
‎रखही मान मितानी।।

‎छन्न पकइया छन्न पकइया,
‎मिलके अलख जगाबो।
‎सुख-दुख मा बनके सँगवारी,
‎जिनगी संग निभाबो।।

‎छन्न पकइया छन्न पकइया,
‎मन के मैल भगाबो।
‎मया-नेह के फूल खिलाके,
‎जग सुवास बगराबो।।

‎छन्न पकइया छन्न पकइया,
‎आवव हाथ मिलाबो।
‎मिहनत कर सब्बो सँगवारी,
‎खुशहाली बगराबो।।

‎छन्न पकइया छन्न पकइया,
‎रचबो नवा कहानी।
‎मोर मयारू मितवा-हितवा,
‎बनही मया निशानी।।

‎रचनाकार-हेमलाल साहू

‎गाँव - गिधवा, जिला - बेमेतरा



1 टिप्पणी:

राम कुमार चन्द्रवंशी की कविताएँ ने कहा…

बहुत सुन्दर रचना हेम भाई बधाई हो।अउ मोर शुभकामना हे अइसने आगू बढ़त रहव।

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