8 मार्च 2018

(*त्रिभंगी छंद*) नारी

सबके महतारी, जग मा नारी, ओकर मयँ नित, मान रखवँ।
हे राज दुलारी, सबके प्यारी, जेकर मयँ नित, गान करवँ।।
कहिथे जग तरनी, विपदा हरनी, जेहर महिमा, सार हवय।
नित आगू जावय, नाम कमावय, जग के ओहर, भार हरय।।
*-हेमलाल साहू*
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
(छत्तीसगढ़) मो. 9977831273

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