मन अपने काबू रहै, बड़े बड़े ज्ञानी कहै।
सबो डहर बइरी खड़ै, भाई से भाई लड़ै।।
मन मा माया हा भरै, मानव ओकर से परै।
फइले माया जाल हा, देखत हावय काल हा।
फसगे मनखे भोग मा, छुटकारा ना रोग मा।
हावे आत्मा अमर गा, जानव माया जहर गा।।
मन के आँखी खोल ले, मया प्रीत ला बोल ले।
मन के माया छोड़ ले, जग से नाता जोड़ ले।।
-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तह. नवागढ़, जिला बेमेतरा(छ.ग.)
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