4 जन॰ 2017

टेटका(रोला छन्द)

पींयर हरियर लाल, रंग बदलत हे काया।
कुदरत  के  ए संग, टेटका के  हे माया।।
चाल बाज ए होय, सबो ला ए बिजराथे।
कुदरत के उपहार, मुड़ी ला ए मटकाथे।।

फेर आज ला देख, टेटका बनगे  नेता।
बदलत हावे रंग, पकड़ नई आय बेटा।।
झूठ लबारी बोल, देख  करथे  ए वादा।
चोला पहिर सफेद, बनै ए पंडित सादा।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील  नवागढ़, जिला बेमेतरा
छत्तीसगढ़, मो. 9977831273

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