9 दिस॰ 2015

‎🌼 हेम के दोहे 🌼‎दाई-ददा वंदना

‎🌼 हेम के दोहे 🌼
‎दाई-ददा वंदना 
‎दाई बाबू मानथौ, तोला मँय भगवान।
‎जग मा सबले बड़ हवे, तोर मया वरदान।।
‎करहूँ सदा प्रणाम मँय, अपन हाथ ला जोर।
‎चारो तीरथ धाम अस, पूजंव चरन तोर।।
‎पहिली गुरु दाई ददा, खोलय ज्ञान दुआर।
‎सीख देय संस्कार के, मिटथे मन अँधियार।।
‎रचनाकार -हेमलाल साहू
‎गाँव-गिधवा, जिला-बेमेतरा 

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