9 दिस॰ 2015

गुरुवर (हेम के दोहे)

 देवय गुरु आशीष ला, लेलव बढ़िया ज्ञान।
जिनगी हो जाही सुखी, करले गुरु के ध्यान।।

सच्चा गुरुवर जौन हे, चेला ना भटकाय।
मन के दुविधा दूर कर, शंका दूर भगाय।।

गुरु अच्छा तँय बना, मन मा सोच बिचार।
जिनगी के नइया लगे, भवसागर से पार।।

गुरुवर कहना मान ले, भटकच नहीं सियान।
मानुष तन तोला मिले, झन कर गरब गुमान।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तह. नवागढ़, जिला बेमेतरा (छ. ग.)

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