हेम के दोहे
चीं चीं होत बिहान ले, चिरई बोलत बोल।
उगे सुरुज के देवता, झटकन आँखी खोल।।
मनखे आवत जात ला, कहिथें जय जय राम।
उवत सुरुज ला सब करें, देख रोज परनाम।।
जल्दी करहूँ काम ला, होवे झन जी शाम।
भाग्य मेहनत से बने, झन करबे आराम।।
-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तह. नवागढ़, जिला बेमेतरा (छ. ग.)

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