20 मार्च 2016

होली (हेम के कज्जल छन्द)

आगे हे होली तिहार।

चलव मनाबो सबो यार।

मोर कामना शुभ हजार।

खुशी मिले सबला अपार। 


रंग खेलबो हमन लाल।

चलव लगाबो रंग गाल।

पिचकारी मा रंग डाल।

धर धरके जाबो गुलाल।



होली जम्मो खेल आय।

रंग मया के हे लगाय।

मुखड़ा मा रंग पोताय।

होली सबला हवे भाय।


-हेमलाल साहू

ग्राम-गिधवा, जिला बेमेतरा(छ. ग.)

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