जम्मो झन गुरु जस हवे, मोला देवय ज्ञान।
भइया कहय रमेश हा, देबे बढ़िया ध्यान।।
मोला अड़हा जोजवा, सँगवारी हो जान।
पाके मँय आशीष ला, मँय बनहूँ विद्वान।।
छोटे सबले मँय हवँव, करहूँ रचना यार।
एक ले बड़े एक हे, जग मा रचनाकार।।
-हेमलाल साहू
ग्राम-गिधवा, जिला बेमेतरा
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