सुन ले छोरी
हवच अलबेली
गाँव के गोरी
ये मोर रानी।
तोर संग ओ गोरी
हे मया टूरी
जबले आय
मोर मन ला भाय
सुरता आय
मया के रंग
चढ़ गे तोर संग
दूनो के रंग
- हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, जिला बेमेतरा(छ. ग.)
जनम जनम के बंधना, मया प्रीत के छाँव। भुइँया के बेटा हरव, जेकर महिमा गाव।। मोर छत्तीसगढ़ी रचना कोठी।
हेम के दोहे (बाल जनऊला) नाच नचावँन अंगरी, काम सबो के आँन। सारी जग के बात ला, ले पहुँचावँन कान।। संग दिखे अंजोर मा, फेर चलय ना साँस...
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