25 फ़र॰ 2020

शंकर छंद

नैतिक शिक्षा
नैतिक शिक्षा जग बगरा के, लाव नवा सुराज।
जात पात ला ऊँच नीच के, पाट दव गा आज।।
भैर भाव ला मन के मेटव, करव सबसे प्रेम।
जिनगी के दिन बस चार हवय, फेर नइहे टेम।।

राजनीति
राजनीत बर दंगा ला अब, झन इहाँ भड़काव।।
पद अउ पैसा के ताकत मा, साँच ल झन दबाव।
जाति धर्म के खातिर भैया, फेर झन ग लड़ाव।।
पानी कस खून पसीना ला, आज झन ग बहाव।।

- हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

तुरते ताही

धरहूँ माटी भेस 🌿

‎धरके माटी भेस 🌿 ‎ ‎चिमनी के बाती कस जरके, ‎अँधियार ला हरावँ। ‎दया-मया के आखर भर के, ‎सबके बात सुनावँ।। ‎ ‎छत्तीसगढ़ी के माटी मा, ‎अपन पसीन...