माटी मिलके तन बने, जिनगी इहे पहाय।
माटी के सेवा करत, सुघ्घर भाग जगाय।।
जियत मरत ले मँय सदा, माटी माथ लगाव।
जनम जनम के साथ हे, माटी ला अपनाव।।
-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तह. नवागढ़, जिला बेमेतरा(छ. ग.)
जनम जनम के बंधना, मया प्रीत के छाँव। भुइँया के बेटा हरव, जेकर महिमा गाव।। मोर छत्तीसगढ़ी रचना कोठी।
हेम के दोहे (बाल जनऊला) नाच नचावँन अंगरी, काम सबो के आँन। सारी जग के बात ला, ले पहुँचावँन कान।। संग दिखे अंजोर मा, फेर चलय ना साँस...
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