19 फ़र॰ 2016

माटी(हेम के दोहे)

माटी मिलके तन बने, जिनगी इहे पहाय।

माटी के सेवा करत, सुघ्घर भाग जगाय।।


जियत मरत ले मँय सदा, माटी माथ लगाव।

जनम जनम के साथ हे, माटी ला अपनाव।।

-हेमलाल साहू

ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा

तह. नवागढ़, जिला बेमेतरा(छ. ग.)


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