25 जन॰ 2016

नवा साल (हेम के कज्जल छंद)


नवा साल नवा अँजोर।
बगरत हावे गली खोर।
सुघ्घर बाढ़य मया तोर।
बधई हे नव साल मोर।

सब दुख पीड़ा ला मिटाय।
जिनगी मा सुख फेर आय।
बढ़िया नव संदेश लाय।
सबला हे नव साल भाय।

चलव जोर ला लगाबोन।
अमन देश मा जगाबोन।
चोर उचक्का भगाबोन।
सत के रस्ता बताबोन।

बनहूँ झन कोनो अलाल।
कभू काम झन देव टाल।
जाँगर पेर करव कमाल।
आगू जाबो नवा साल।

कहिथे भाई तोर हेम।
करले बढ़िया प्रकृति प्रेम।
छोड़ वीडियो सबो गेम।
करव मेहनत होय नेम।।

बने रहे नव साल तोर।
मिल मनाबो संगी मोर।
मया दया ला आँव जोर
बधई भेजत हवव सोर।।

-हेमलाल साहू 
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तह. नवागढ़, जिला बेमेतरा (छ. ग.)

1 टिप्पणी:

महेन्द्र देवांगन "माटी" ने कहा…

बहुत बढ़िया रचना साहू जी बधाई हो ।
आप ल भी नवा साल के गाड़ा गाड़ा बधाई।

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