15 अग॰ 2021

हेम के त्रिभंगी छंद (हे भारत माता)

हे भारत माता, भाग्य विधाता, तोर शरण मा, माथ नवे।
झंडा फहराबो, जश्न मनाबो, शुभ दिन आये, आज हवे।।
मन राखे चंगा, बन बजरंगा, वीर सिपाही, मोर रहें।
भारत जयकारा, गूँजय नारा, भारतीय जय, जगत कहें।। -हेमलाल साहू
छंद साधक, सत्र-1 
ग्राम गिधवा, जिला बेमेतरा

कोई टिप्पणी नहीं:

तुरते ताही

‎मोर मया के किस्सा (हेम के सार छंद)‎

‎हास्य कविता  ‎मोर मया के किस्सा (हेम के सार छंद) ‎ ‎एक्के झन हे मोर मयारू, सुरता आवय रतिया। ‎सुनलव मोर मया के किस्सा, नाव हवे फुलमतिया।। ‎ ...