5 अक्टू॰ 2016

*गीतिका छन्द*

हमर भुइँया हमर दाई,   तँय  बिराजै  गाँव मा।
मोर सुघ्घर हवय जिनगी, तोर अँचरा छाँव मा।।
आँव दाई तोर बेटा,   करव   तोर  बखान ला।
तोर दाई नाव लेवव,   रखव   मेहा  मान ला।।

अपन संगी अपन साथी, आँव करबो काम ला।
छोड़ चिन्ता अपन फलके, रुख लगाबो आम ला।।
आँव संगी मिल बनाबो, सरग जइसन गाँव ला।
अपन जाँगर पेर संगी,  हम  जगाबो   नाव  ला।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
(छत्तीसगढ़) मो. 9977831273

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