17 अक्टू॰ 2016

जय जय हो मात भवानी (बिस्नू पद छन्द )

जय जय हो मात भवानी, खोल द्वार मनके।
बारव दीया करव आरती, भाव भजन धरके।।

तोर अगोरा हावे घर मा, आ दाई बनके।
मया दया भाव धरे आहू, आस हवे सबके।।

पहली बहनी आय सारदा, ज्ञान भरय मनमें।
दूसर बहनी आवय गौरी, देवव बल तन में।।

तीसर बहनी आवय लछमी, धन लावय धरके।
चउथा बहनी आवय काली, नाश करै जर के।।

आय पाँचवा बहनी दुरगा, घर पावन दमके।
सब संग देवता मन लावय, दरसक रुप धरके।।

गुन गावय सब तोर भवानी, जय जय कार करे।
मोरे मन पावन रहै सदा,  तँय बल बुद्धि भरे।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
(छत्तीसगढ़) मो. 9977831273

कोई टिप्पणी नहीं:

तुरते ताही

धरहूँ माटी भेस 🌿

‎धरके माटी भेस 🌿 ‎ ‎चिमनी के बाती कस जरके, ‎अँधियार ला हरावँ। ‎दया-मया के आखर भर के, ‎सबके बात सुनावँ।। ‎ ‎छत्तीसगढ़ी के माटी मा, ‎अपन पसीन...