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जय गुरु घसीदास

जय गुरु घासीदास बाबा
जय जय हो गुरु घासीदास।
तोरे शरन आयेव बाबा
तोरे चरन मा तोरे पास।

तोरे महिमा ला बाबा गायेव
तोरे महिमा ला सुनायेव।
सुने हव बाबा तोर महिमा
हावे जग मा गा भारी।

अड़हा बइला ला बाबा
बनाये बाबा गुनकारी।
महू हवव निचट अनारी
महू ला बनादे गुनकारी।
जय गुरु ..................

छाता पहाड़ में बैठ के
बाबा तै धुनी ला रमाय।
अवरा धवरा पेड़ मेर
बाबा ज्ञान ला तै पाये
महू हवव अनपढ़ अज्ञानी
महू ला बना दे बाबा ज्ञानी
जय गुरु ..............................

मरे मनखे मा बाबा तैहा
प्रान के दीपक जलाये
बन मा रहिके बाबा तैहा
शेर भालू ल साथी बनाये
जय गुरु....................

सत्य के रद्दा में चलके
बाबा तैय ज्ञान ला पाये।
सत्य के नाम ला बाबा
तैय हा जग में फैलाय
सतनाम धरम के पंत ला
बाबा तैय जग मा चलाये
जय गुरु…..................

-हेमलाल साहू

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