25 मई 2026

हेम के कुंडलियाँ

हेम के कुंडलियाँ महँगाई 


‎घर के मुखिया आलसी, बन बइठे सरकार।
घूमे देश बिदेश ला, बेच अपन घर द्वार।।
बेच अपन घर द्वार, छाय घर मा कंगाली।
‎बढ़े जिनिस के भाव, जेब हर होगे खाली।।
‎बाढ़य करजा रोज, कहाँ हे अच्छा दिन हर।
‎आँखी उँगरी डार, देख बइठे मुखिया घर।।
‎-हेमलाल साहू
‎गाँव-गिधवा, जिला-बेमेतरा 

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