19 फ़र॰ 2021

हेम के दोहे

हेम मोर हे नाव जी, गिधवा हावय गाँव।
दया मया मिलथे जिहाँ, रुख राई के छाँव।।

चिरई चिरगुन देखलव, सुनलव गुरतुर बोल।
बढ़िया फुदकत देखके, लागय जी अनमोल।।

पुरखा के खेती हवे, जिनगी के आधार।
राम नाम के जाप ले, होबो भव ले पार।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
जिला बेमेतरा (छ. ग.)

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