14 दिस॰ 2017

*शक्ति छन्द*  

1)
बने साफ हो जी गली खोर हा।
तभे गाँव आही ग अंजोर हा।
रहे गाँव मा जी सदा रीत हा ।
बसे हे घरो घर मया प्रीत हा।

2)
मया ले मया दे, रहे मीत हा।
बहे धार चारो, डहर प्रीत हा।
दया राख मनमा, कहे रीत हा।
बने भाय सबला, इही हीत हा।
3)
करव जाप मन मा, बसा राम ला।
अपन छोड़ चिंता, करव काम ला।
सबो आव रहिबो, बने साथ मा।
जगा मेहनत ला, अपन हाथ मा।
4)
रँगव मेहनत के, सदा रंग मा।
रहव साथ मिलके, सबो संग मा।
कला ला बनाले, सँगी तोर गा।
रहे फेर सुख के, सदा भोर गा।

5)
करँव तोर दाई सदा भक्ति ला।
बढ़ा मोर मन के सदा शक्ति ला।
चलव नेक रस्ता मने ठान के।
बढ़य मोर अंजोर हा ज्ञान के।

6)
किसानी जुबानी, रखे मान ला।
सबो जात हावय लुये धान ला।
ददरिया हवे गात जी आन मा।
रखे हाथ हँसिया चले शान मा।
-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

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