मंगलवार, 13 फ़रवरी 2018

*इंटरनेट*(हेम के कुण्डलिया)

जबले गा आइस हवे, जग मा इंटरनेट।
जग हा समटागें हवे, करले सबसे चेट।।
करले सबसे चेट, कहा दुरिहा अब हावय।
करके मेल मिलाप, ठसन ले गोठीयावय।।
पूछय जम्मो हाल, भेंट ला करके सबले।
बाँधय इंटरनेट, मोह मा आइस जबले।।
-  हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा 

*शिव भोला*(हेम के कुण्डलिया)

सुनले शिव भोला बने, करत हवव गोहार।
तोर शरण मा आय हव, करदे नइया पार।।
करदे नइया पार, रहे ना मन अभिलासी।
जग के तारन हार, तही घट घट के वासी।।
कहत हेम कविराय, मैल ला मेटव मनले।
कण्ठ बिराजव मोर, बने शिव भोला सुनले।।

- हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा 

सोमवार, 5 फ़रवरी 2018

हेम के कुण्डलिया

सुनले बैसाखू कका, बिगड़े घर तन खेत।
बरबाद करँय ये नशा, बने लगा ले चेत।
बने लगा ले चेत,  रोग लावय गा भारी।
रहय न घर अउ घाट, संग रहिथे लाचारी।
कहत हेम कविराय, बने तँय एला गुनले।
नशा काल के जाल, कका बैसाखू सुनले।
- हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा 

शनिवार, 6 जनवरी 2018

हेम के दोहे

1)
खुल्ला हरव किताब मँय, पढ़के लेबे देख।
हेम मोर नावे हवे, लिखथव कविता लेख।।
2)
नगधा मोरे पोस्ट हे, गिधवा हावय गाँव।
जिला हवय बेमेतरा, जिहाँ मया के छाँव।।
3)
महमाया दाई रखे, किरपा अपन अपार।
जेकर महिमा गाव मँय , देवय मया दुलार।।
4)
बी ए हावव मँय पढ़े, जाके जी कालेज।
कम्प्यूटर के ज्ञान हे, अउ जरनल नॉलेज।।
5)
सँगवारी मन के बने, करथव मँय हा सोर।
जिनगी भर सुरता रहे, बाँध मया के डोर।।
6)
सीधा साधा भोकवा, मोला संगी जान।
छत्तीसगढ़ी मोर गा, बोली हे पहचान।।
7)
नान्हे पन के जे बने, हावय मोर मितान।
महतारी भाखा हवे, जग मा मोर महान।।
8)
सुघ्घर भाषा मोर हे, रखथव जेकर मान।
मीठ मीठ बोली हवे, जेकर करव बखान।।
9)
काबर करथे लोग हा, भाषा के अपमान।
छत्तीसगढ़ी मा भरे, कतको हावय ज्ञान।।
10)
विनती करथे हेम हा, मन के आपा खोल।
लाज सरम ला छोड़ के, छत्तीसगढ़ी बोल।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

गुरुवार, 4 जनवरी 2018

*सुखी सवैया*


सुमता रखले घर मा बढ़िया, परिवार सुखी रइही जिनगी भर।
मिलके रहिबे सबके सुनबे, तबतो चलही भइया जिनगी हर।
रख एक बरोबर गा सबला, इहि मान कमालव जी जिनगी बर ।
तँय राख दुलार बने सबला, सुन सुघ्घर जाहय ये जिनगी तर।

गुटखा मुँह मा भर खावय जी, अपने जिनगी बर काल बलावय।
मुँह भीतर मा सिगरेट धुँआ, अबड़े नुकसान नशा पहुँचावय।
बनथे तन हा गढ़ जेकर गा, अउ रोग बियाधि सबो सकलावय।
जिनगी बिरथा तब जान सखा, बनके जब काल नशा हर आवय ।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

गुरुवार, 28 दिसंबर 2017

*अरविंद सवैया*

1)
मनखे मन काँटिच हे बन ला, टँगिया हँसिया धरके हर साल।
निमगा पुरवा नइ पावच गा, बनगे जिनगी बर ओहर काल।
तरिया नदिया डबरा पटगे, पनिया बिन रोवत हे सब ताल।
बढ़िया रुखवा ल लगा बन मा, जिनगी बर ये बनही अब ढाल।
2)
गुरु के महिमा तँय गावत गा, बढ़िया मनमा भजले सतनाम।
मनखे मनखे सब एक हवे, सुभ भाव भरे कहिले सतनाम।
तँय मान बने कहना भइया, जिनगी भर जी धरले सतनाम।
दुख दारिद रोग सबो मिटथे, मनमा रखके जपले सतनाम।
3)
पहली चल आवव गा रखबो, हम साफ बने अँगना घर द्वार।
चमके बढ़िया हर खोर गली, सब साफ रहे तरिया अउ पार।
मिलके सब गा सहयोग करौ, अभियान चलाय हवे सरकार ।
तन स्वस्थ रहे मन स्वच्छ रहे, सबके घर हो सुख से परिवार।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

गुरुवार, 14 दिसंबर 2017

*(सुन्दरी सवैया छन्द)*


1)
सुनके रहिबे गुनके चलबे, तबतो बढ़िया जगमें रहि पाबे।
चल जाँगर पेर बने कसके ,नइ तो जिनगी भर गा पछताबे।
करले तँय दान दया बढ़िया, सुन ले भइया बड़ पुण्य कमाबे ।
जपले मनमा हरि नाम बने, तँय हा भइया जग ले तर जाबे।

2)
चल रे मितवा चल रे हितवा, मिलके सब मा नव जोश बढ़ाबो।
चल भारत ला बढ़िया भइया, मिलके हम साक्षर देश बनाबो।
सब ज्ञान बने हमला मिलही, चलना भइया मन द्वार जगाबो।
पढ़बो लिखबो गढ़बो बढ़िया, अउ जी सबला हम फेर पढ़ाबो।
-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

*शक्ति छन्द*  

1)
बने साफ हो जी गली खोर हा।
तभे गाँव आही ग अंजोर हा।
रहे गाँव मा जी सदा रीत हा ।
बसे हे घरो घर मया प्रीत हा।

2)
मया ले मया दे, रहे मीत हा।
बहे धार चारो, डहर प्रीत हा।
दया राख मनमा, कहे रीत हा।
बने भाय सबला, इही हीत हा।
3)
करव जाप मन मा, बसा राम ला।
अपन छोड़ चिंता, करव काम ला।
सबो आव रहिबो, बने साथ मा।
जगा मेहनत ला, अपन हाथ मा।
4)
रँगव मेहनत के, सदा रंग मा।
रहव साथ मिलके, सबो संग मा।
कला ला बनाले, सँगी तोर गा।
रहे फेर सुख के, सदा भोर गा।

5)
करँव तोर दाई सदा भक्ति ला।
बढ़ा मोर मन के सदा शक्ति ला।
चलव नेक रस्ता मने ठान के।
बढ़य मोर अंजोर हा ज्ञान के।

6)
किसानी जुबानी, रखे मान ला।
सबो जात हावय लुये धान ला।
ददरिया हवे गात जी आन मा।
रखे हाथ हँसिया चले शान मा।
-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

बुधवार, 29 नवंबर 2017

*कज्जल छन्द*

पावन छत्तीसगढ़ मोर।
मया दया ला रखे जोर।
हवे किसानी के सोर।
संग मितानी रहे तोर।

देव विराजे इहाँ जान।
साधु संत के हवे मान।
भुइँया के हावे किसान।
कहिथे जेला ग भगवान।

बइला जेकर हे मितान।
जाँगर हावे ग पहचान।
बोय उन्हारी अऊ धान।
भुइँया हावय ये महान।

भाखा हावय मीठ मोर।
लागे गुरतुर मया लोर।
ये भुइँया के रहे सोर।
जग मा लाही नव अँजोर।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा