शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017

गीतिका छन्द

तँय नशा ला छोड़ संगी, बात ला तो मान ले।
ए नशा हा नास के गढ़, आज तँय जी जान ले।।
काल जेकर ए हवय साथी, रोग धरके आय जी।
होय घर बरबाद सबके,  सुख कहाँ ले पाय जी।।

गीत ला तँय गाव गुरतुर, गीतिका के छन्द मा।
राग धरके पाग धरके,  बाँध ले तँय बन्द मा।।
भाव भरले जी अपन तँय, राख ले मन मा दया।
फोर पीड़ा तँय अपन गा, रोक झन मन के मया।।

नाव मा का तोर हावय,  बात सुनले मोर गा।
मेहनत कर रोजके तँय, जानही जग खोर गा।
आय अकती के परब जी, ठान ले मन आज गा।।
तँय परन करले करम बर, हो सफल सब काज गा।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा,
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
छत्तीसगढ़, मो. 9977831273

शनिवार, 22 अप्रैल 2017

हाइकू

समे के फेम
रोवत हवै हेम
नइ हे टेम

खड़ै हे काल
फइले माया जाल
बचे न खाल

हेमलाल साहू
ग्राम- गिधवा, पोस्ट नगधा,
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
छत्त्तीसगढ़, मो. 9977831273

रविवार, 9 अप्रैल 2017

हेम के कुण्डलिया

मन मा बसथे पाप हा, फइले माया जाल।
सबला बइठे देखथे, चुपकन आ के काल।।
चुपकन आके काल, समझ कोनो नइ पावय।
पक्का हावय समय, काल भूल नई जावय।।
जिनगी के दिन चार, हँसी से रहले जग मा।
माया चक्कर फेर,  पाप हा बसथे मन मा।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा,
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा,
छत्तीसगढ़। मो. 9977831273

मंगलवार, 21 मार्च 2017

हेम के कुण्डलिया

माया के दुनिया हरै, बनबे झने अलाल।।
मँय मँय ला छोड़ के, आदत सुघ्घर डाल।
आदत सुघ्घर डाल, मेहनत के बन साथी।
दान दया ला राख, जगत के बन परमार्थी।।
कहै हेम कविराय, हवय माटी के काया।
छोड़व मँय के मोह, हरै दुनिया के माया।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा,
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा,
छत्तीसगढ़। मो. 9977831273

जूनी मेला (सार छन्द)

सँजे-धजे  हे बइला गाड़ी, जावत हावय मेला।
गाँव गाँव के लोग लुगाई, जावत रेलम पेला।।

रखै आस दरशन के मनमा, गावत जावय गाना।
जियत मरत के मेला हावय, नइ हे फेर ठिकाना।।

अरे तता कहिके हाँकत हे, सुघ्घर बइला गाड़ी।
बइठे लइका अउ सियान मन, धरके खूंटा काड़ी।।

हवै भराये बीच खार मा, जूनी जी के मेला।
आनी बानी लगै समाने, सबो डहर हे ठेला।।

गुन गालव जूनी दाई के, महिमा हावय भारी।
बने नहा तरिया मा जी, उज्जर हो मन कारी।।

रोग शोक ला दाई हरथे, करले मनमा सुमिरन।
ठगड़ी ठाठा फलते फुलथे, करथे जब मन अरपन।।

आय सेरसेरा पन्नी मा, मेला ला लगवाथे।
जूनी जी के महिमा गावत, मोरो मन सहराथे।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
छत्तीसगढ़, मो. 9977831273

शनिवार, 18 मार्च 2017

सुन ले मोरे मितवा (सार छंद)

सुन साथी रे सुन संगी रे, सुन ले मोरे मितवा।
आ जाबे रे आ जाबे रे, मोर जनम के हितवा।।

जग हा सुन्ना मोला लागे, सुरता दिन भर आवै।
तोर बिना जग बइरी होंगे, अबतो मन नइ भावै।।

बोझ लगै जिनगी हा मोरे, सावन भादो लगथे।
आँखी ले पानी हा मोरे, तर तर तर तर बहथे।।

मोर  कटत  हावे  जिनगी हा, तोरे रस्ता देखत।
आस हवै तोरे दरशन के, बइठे हव मन झेलत।।

खाना  पानी  नई  सुहावे,   जग मा मन नइ भावै।
दूखन भूखन जिनगी कटथे, पगली जगत बुलावै।।

हवै ठिकाना का जिनगी के, आजा रे अब जोही
कहाँ लुकागे तैहा बनके,  जग मा गा निरमोही।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा,
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
छत्तीसगढ़, मो.9977831273

शुक्रवार, 17 मार्च 2017

हेम के कुण्डलिया

सजथे सुघ्घर गाँव मा, देखव हाट बाजार।
आनी बानी साग हे, लेवव छाँट निमार।।
लेवव छाँट निमार, रहय झन एको कड़हा।
ताजा ताजा ताय, तराजू मा ले मड़हा।।
कहत हेम कविराय, हाट गाँवे मा लगथे।
घूमत बढ़िया देख, हाट तो सुघ्घर सजथे।।

बगरे जग मा देख ले, कतका गा अँधियार।
बढ़िया सोच बिचार के, दियना मनके बार।।
दियना मन के बार , जगत मा लाव अँजोरी।
दुआ भेद ला छोड़, रहन एक्के बँध डोरी।।
हवय मेहनत सार, भाग हा जगही हमरे।
आवय नवा अँजोर, देख ले जग मा बगरे।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा,
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा,
छत्तीसगढ़। मो. 9977831273

गुरुवार, 9 मार्च 2017

हेम के कुण्डलियाँ

दारू ला अब बेचही, देखव जी सरकार।
पइसा खातिर आज ये, करत हवै बेपार।।
करत हवै बेपार, मारही अब मनखे ला ।
दारू भट्टी खोल,   लगाही मेला ठेला ।।
पीके कतको रोज, मरँय झँगलू बुधवारू।
हद होगे सरकार,  बेचही अब ले दारू।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा,
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा,
छत्तीसगढ़। मो. 9977831273