सोमवार, 5 जून 2017

हेम के कुंडलिया

जिनगानी मा रुख हवै, संगी बड़ अनमोल।
रखबे बने सहेज के, झन कर टाल मटोल।।
झन कर टाल मटोल, राख बढ़िया से भाई।
रोज लगा तँय पेड़, हाँसही धरती माई।।
आवय सुघ्घर देख, हमर जी बरखा रानी।
लगाबोन हम पेड़, हवै जेमा जिनगानी।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
छत्तीसगढ़, मो. 9977831273

मंगलवार, 9 मई 2017

हरिगीतिका छन्द

रखबे मया तँय संग मा,  करु छोड़ के तँय गोठ गा।
तँय राखले बिस्वास ला, मन होय जी तब पोठ गा।
अभिमान ला तँय छोड़ के, मन राख ले तँय प्रेम गा ।
करबे भला मन बाँध ले, जग आस हे हर टेम गा।।

सुघ्घर दया के भाव रख, मन मा जगा तँय प्रेम ला।
मनके कड़ू कर दूर तँय, कर जाप परभू नेम ला।।
सुन आज अउ गुन आज ले, संगी समय के फेर मा।
नइ हे ठिकाना जान ले, ए काल के जी हेर मा।।

फैलत जहर गा रोज के, गाँवे शहर मा देख ले।
मोटर अऊ गाड़ी खड़े, अउ कारखाना रेख ले।।
लावत हवै जी साँस के, ए फेफड़ा के रोग ला।
कुदरत हवै हलकान जी, करके जहर ए भोग ला।।

-हेमलाल साहू
ग्राम- गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
छत्तीसगढ़, मो. 9977831273

शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017

गीतिका छन्द

तँय नशा ला छोड़ संगी, बात ला तो मान ले।
ए नशा हा नास के गढ़, आज तँय जी जान ले।।
काल जेकर ए हवय साथी, रोग धरके आय जी।
होय घर बरबाद सबके,  सुख कहाँ ले पाय जी।।

गीत ला तँय गाव गुरतुर, गीतिका के छन्द मा।
राग धरके पाग धरके,  बाँध ले तँय बन्द मा।।
भाव भरले जी अपन तँय, राख ले मन मा दया।
फोर पीड़ा तँय अपन गा, रोक झन मन के मया।।

नाव मा का तोर हावय,  बात सुनले मोर गा।
मेहनत कर रोजके तँय, जानही जग खोर गा।
आय अकती के परब जी, ठान ले मन आज गा।।
तँय परन करले करम बर, हो सफल सब काज गा।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा,
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
छत्तीसगढ़, मो. 9977831273

शनिवार, 22 अप्रैल 2017

हाइकू

समे के फेम
रोवत हवै हेम
नइ हे टेम

खड़ै हे काल
फइले माया जाल
बचे न खाल

हेमलाल साहू
ग्राम- गिधवा, पोस्ट नगधा,
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
छत्त्तीसगढ़, मो. 9977831273

रविवार, 9 अप्रैल 2017

हेम के कुण्डलिया

मन मा बसथे पाप हा, फइले माया जाल।
सबला बइठे देखथे, चुपकन आ के काल।।
चुपकन आके काल, समझ कोनो नइ पावय।
पक्का हावय समय, काल भूल नई जावय।।
जिनगी के दिन चार, हँसी से रहले जग मा।
माया चक्कर फेर,  पाप हा बसथे मन मा।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा,
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा,
छत्तीसगढ़। मो. 9977831273

मंगलवार, 21 मार्च 2017

हेम के कुण्डलिया

माया के दुनिया हरै, बनबे झने अलाल।।
मँय मँय ला छोड़ के, आदत सुघ्घर डाल।
आदत सुघ्घर डाल, मेहनत के बन साथी।
दान दया ला राख, जगत के बन परमार्थी।।
कहै हेम कविराय, हवय माटी के काया।
छोड़व मँय के मोह, हरै दुनिया के माया।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा,
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा,
छत्तीसगढ़। मो. 9977831273

जूनी मेला (सार छन्द)

सँजे-धजे  हे बइला गाड़ी, जावत हावय मेला।
गाँव गाँव के लोग लुगाई, जावत रेलम पेला।।

रखै आस दरशन के मनमा, गावत जावय गाना।
जियत मरत के मेला हावय, नइ हे फेर ठिकाना।।

अरे तता कहिके हाँकत हे, सुघ्घर बइला गाड़ी।
बइठे लइका अउ सियान मन, धरके खूंटा काड़ी।।

हवै भराये बीच खार मा, जूनी जी के मेला।
आनी बानी लगै समाने, सबो डहर हे ठेला।।

गुन गालव जूनी दाई के, महिमा हावय भारी।
बने नहा तरिया मा जी, उज्जर हो मन कारी।।

रोग शोक ला दाई हरथे, करले मनमा सुमिरन।
ठगड़ी ठाठा फलते फुलथे, करथे जब मन अरपन।।

आय सेरसेरा पन्नी मा, मेला ला लगवाथे।
जूनी जी के महिमा गावत, मोरो मन सहराथे।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
छत्तीसगढ़, मो. 9977831273

शनिवार, 18 मार्च 2017

सुन ले मोरे मितवा (सार छंद)

सुन साथी रे सुन संगी रे, सुन ले मोरे मितवा।
आ जाबे रे आ जाबे रे, मोर जनम के हितवा।।

जग हा सुन्ना मोला लागे, सुरता दिन भर आवै।
तोर बिना जग बइरी होंगे, अबतो मन नइ भावै।।

बोझ लगै जिनगी हा मोरे, सावन भादो लगथे।
आँखी ले पानी हा मोरे, तर तर तर तर बहथे।।

मोर  कटत  हावे  जिनगी हा, तोरे रस्ता देखत।
आस हवै तोरे दरशन के, बइठे हव मन झेलत।।

खाना  पानी  नई  सुहावे,   जग मा मन नइ भावै।
दूखन भूखन जिनगी कटथे, पगली जगत बुलावै।।

हवै ठिकाना का जिनगी के, आजा रे अब जोही
कहाँ लुकागे तैहा बनके,  जग मा गा निरमोही।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा,
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
छत्तीसगढ़, मो.9977831273