शनिवार, 11 अगस्त 2018

ताटंक छन्द -मया के सुरता

गोरी तोर मया के सुरता, रही रही के आथे ओ।
तोला देखे बर आँखी हाँ, ये मोर तरत जाथे ओ।1।

तोर बिना जग सुन्ना लागे, कुछु मोला नइ भावे ओ।
रात मोर बर बइरी होगय, नींद कहाँ ले आवे ओ।2।

काबर हवस रिसाये गोरी, काबर तँय गुस्साये ओ।
मोला रोज हँसाके तँय हर, काबर अब रोवाये ओ।3।

काम बुता मा मन नइ लागे, खावत हव मँय गारी ओ।
तोर बिना हे मोर अधूरा, सुनले जिनगी सारी ओ।4।

बात मान ले मोर आज तँय, सँग जीबो सँग मरबो ओ।
सुघ्घर जिनगी हमन बिताबो, एक संग जब रहिबो ओ।5।

-हेमलाल साहू
ग्राम- गिधवा, पोस्ट- नगधा
तहसील- नवागढ़, जिला- बेमेतरा
छत्तीसगढ़ मो. 9977831273

शुक्रवार, 10 अगस्त 2018

हरेली तिहार सरसी छंद

हरियर हरियर डारा पाना, हरियर दिखथे खार।
आगय आगय हमर हरेली, पहली आज तिहार।1।

नोनी बाबू अउ सियान मन, होंगे गा तैयार।
कोरे गाँथे बड़ चुकचुक ले, बइठे तरिया पार।2।

लीपे पोते घर अँगना ला, साफ बहार बटोर।
लाही घर मा हमर हरेली, सुघ्घर नव अंजोर।3।

नागर अउ बइला ला धोये, धोये सब औजार।
नवा नान के माटी बढ़िया, पूजा करे अपार।4।

भोग लगाये गुड़हा चीला, नरियर बेला फोर।
लइका मन हा गेड़ी चढ़हे, गाँव गली अउ खोर।5।

डारा खोंचय नीम घरों घर, राउत आज हमार।
चौखट मा खीला ठोकय, घर घर मा सोनार।6।

सबो गाय गरुमन ला लाके, लोदी बना खवाय।
फूँक झार के मंतर मारय, रोग कभू झन आय।7।

जादू टोना दूर रथे जी, बइगा बाँधय गाँव।
बर पीपर के पूजा करथे, मिले सदा जी छाँव।8।

नरियर भेला फेक खेलथे, अउ खेले छू छुवाल।
खुशी खुशी ले देख हरेली, सब मनाय हर साल।9।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

शुक्रवार, 18 मई 2018

हेम के कुण्डलिया

भाई सुनले गोठ ला, बने लगा के चेत।
बीड़ी गुटका संग मा, दारू जीवे लेत।।
दारू जीवे लेत, काल के जानव संगी।
करथे घर ला नाश, लाय पैसा के तंगी।।
कहे हेम कविराय, नशा छोड़े म भलाई।
सुखी रही परिवार, मान ले बात ल भाई।।
-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
छत्तीसगढ़, मो. नं. 9977831273

गुरुवार, 15 मार्च 2018

पकैया छंद (मितानी)


छन्न पकइया छन्न पकइया, बनही अमर कहानी।
बाँधे राख  मया  के  रिस्ता, रखले मान  मितानी।।

छन्न पकइया छन्न पकइया, मिलके  आगू  जाबो।
सुख दुख मा रहिके सँगवारी, जिनगी साथ निभाबो।

छन्न पकइया छन्न पकइया, आवय झन अभिमानी।
गार पसीना  हमन  संगवारी, करबो  बने  किसानी।।

छन्न पकइया छन्न पकइया, आवव जोश जगाबो।
मिलके सँगवारी आवव हम,  सुघ्घर  देश  बनाबो।।

छन्न पकइया छन्न पकइया, आवव गाबो गाना।
मोरे  मितवा   मोरे   हितवा, तारे  ना  रे  ना  ना।।
-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

शनिवार, 10 मार्च 2018

हेम के कुण्डलिया(बेटी)


बेटी घर के शान ये, देवव मया दुलार।
लक्ष्मी दुर्गा अउ हरे, सीता के अवतार।।
सीता के अवतार, मान बेटी के राखव।
देवव गा सम्मान, भेद भाव झने मानव।।
कहे हेम कविराय, धरे सुख के जी पेटी।
जग बर हे अनमोल, शान ये घर के बेटी।।
-  हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा 
छत्तीसगढ़ पिन- 491340

हेम के कुण्डलिया

दाई   बाबू   मोर   हे,  चारो   तीरथ  धाम।
रोजे साँझ बिहान गा, जेकर  जपथौ नाम।
जेकर जपथौ नाम, करँव मयँ हर जी पूजा।
मानव  मयँ  भगवान, अऊ  नइ हावे दूजा।
कहत  हेम  कविराय, बात  मानव  रे भाई।
हावय  जग  अनमोल, जान  ले  बाबू दाई।।
-  हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा 
छत्तीसगढ़ पिन- 491340

गुरुवार, 8 मार्च 2018

(*त्रिभंगी छंद*) नारी

सबके महतारी, जग मा नारी, ओकर मयँ नित, मान रखवँ।
हे राज दुलारी, सबके प्यारी, जेकर मयँ नित, गान करवँ।।
कहिथे जग तरनी, विपदा हरनी, जेहर महिमा, सार हवय।
नित आगू जावय, नाम कमावय, जग के ओहर, भार हरय।।
*-हेमलाल साहू*
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
(छत्तीसगढ़) मो. 9977831273

मंगलवार, 13 फ़रवरी 2018

*इंटरनेट*(हेम के कुण्डलिया)

जबले गा आइस हवे, जग मा इंटरनेट।
जग हा समटागें हवे, करले सबसे चेट।।
करले सबसे चेट, कहा दुरिहा अब हावय।
करके मेल मिलाप, ठसन ले गोठीयावय।।
पूछय जम्मो हाल, भेंट ला करके सबले।
बाँधय इंटरनेट, मोह मा आइस जबले।।
-  हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा 

*शिव भोला*(हेम के कुण्डलिया)

सुनले शिव भोला बने, करत हवव गोहार।
तोर शरण मा आय हव, करदे नइया पार।।
करदे नइया पार, रहे ना मन अभिलासी।
जग के तारन हार, तही घट घट के वासी।।
कहत हेम कविराय, मैल ला मेटव मनले।
कण्ठ बिराजव मोर, बने शिव भोला सुनले।।

- हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा