शुक्रवार, 28 जुलाई 2017

चौपई छन्द (पताल)

रहिथे गोल गोल जी, दिखथे लाल।
बारी मा फरथे जी, करय कमाल।।

जेकर हे पताल गा, सुनलव नाव।
घर बारी मा पाबे, सबके गाँव।।

बारो महिना रहिथे, जेकर माँग।
डारके बना संगी, बढ़िया साग।।

बने पीसके खाले, चटनी भात।
फेर बोलबे बढ़िया, तैहर बात।।

रहिथे जेमा अड़बड़, संगी स्वाद।
आथे सुघ्घर जेहा, बारिस बाद।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
छत्तीसगढ़, मो.9977831273

मंगलवार, 25 जुलाई 2017

(चौपई छन्द) राखी

महिना हावय भादो मास।
भाई बहनी बर हे खास।।
भैया ला बहनी के आस।
मन मा राखे हे बिस्वास।।

आगय राखी हमर तिहार।
बहनी मन होवत तैयार।।
बहनी राखे मया दुलार।
भैया के आशीष अपार।।

बाँधय जी राखी ला हाथ।
सुघ्घर तिलक लगाये माथ।।
रखय सुखी जी दीनानाथ।
रहय सदा भाई हा साथ।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
छत्तीसगढ़, मो. 9977831273

सोमवार, 24 जुलाई 2017

चौपई छन्द

लाल लाल जी देख पताल।
महँगाई मा बनगे काल।।
हावय जेकर चढ़के भाव।
मारत हावय कसके ताव।।

-हेमलाल साहू

रविवार, 23 जुलाई 2017

(चौपई छन्द) बरखा

बरखा के आवत हे सोर।
पानी गिरत गली अउ खोर।।
सावन महिना के हे जोर।
नाचत हावय बन मा मोर।।

धरै मेचका सुघ्घर राग।
झिंगरा गावत हावे फाग।।
देख केकड़ा पीटत डोल।
घोंघी खेलय घांदी गोल।।

मछरी करय तमासा आज।
डोरी खेलय सुघ्घर गाज।।
हरियर हरियर खेती खार।
तरिया नदिया भरय अपार।।

बरखा रानी लावय प्रेम।
दुनिया जेकर हावय फेम।।
बढ़िया बढ़िया खेलय गेम।
मजा करय जी हर टेम।।

- हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
छत्तीसगढ़, मो. 9977831273

चौपई छन्द

जिनगी मा नइ हावय टेम।
तँय सुनले गा बाबू हेम।।
रखबे मन मा तैहर प्रेम।
जग मा तभे कमाबे नेम।।

महिना आय जेठ बैसाख।
देख उड़त माटी अउ राख।।
तात तात ले चलथे झाँझ।
होत बिहनिया ले जी साँझ।।

सुनते ही मुँह पानी आय।
खाये मा दांत कटकटाय।।
काम अबड़ एहा तो आय।
आत जात सबला ललचाय।।
- इमली

लगथे जइसे जाँगर टोर।
काबर हारत मन हा मोर।।
बूता मा अब मन नइ भाय।
जिनगी काबर हे अलसाय।।

बाँधत हव मैं मन ला जोर।
हौय पोठ मन कसके मोर।।
आस कभू झन छूटय खोर।
नानव जिनगी मा अँजोर।।

-हेमलाल साहू
ग्राम - गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
छत्तीसगढ़ मो. 9977831273

रविवार, 16 जुलाई 2017

*जय शिव शंकर* सरसी छन्द

जय शिव शंकर भोले बाबा, महिमा गावँव तोर।
तन मन ला अर्पित कर देवँव, मानौ श्रद्धा मोर।।

करहूँ संझा अऊ बिहनिया,  तोर नाव के जाप।
तँय निरमल पावन मन वाले, बइठ हृदय में आप।।

भवसागर के तारनहारी, हर दे मोरो पाप।
चलहौं महूँ सुमारग मा जी, राखत मेल मिलाप।।

आय महीना सावन पावन, रखिहौं महूँ उपास।
करिहौं जाप ओम के मन मा, जबतक रइही साँस।।

बेल पान अउ फूल चढ़ाके, पूजा करहूँ तोर।
जियत मरत के बंधन छूटय, भोले बाबा मोर।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
छत्तीसगढ़, मो. 9977831273

सोमवार, 5 जून 2017

हेम के कुंडलिया

जिनगानी मा रुख हवै, संगी बड़ अनमोल।
रखबे बने सहेज के, झन कर टाल मटोल।।
झन कर टाल मटोल, राख बढ़िया से भाई।
रोज लगा तँय पेड़, हाँसही धरती माई।।
आवय सुघ्घर देख, हमर जी बरखा रानी।
लगाबोन हम पेड़, हवै जेमा जिनगानी।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
छत्तीसगढ़, मो. 9977831273

मंगलवार, 9 मई 2017

हरिगीतिका छन्द

रखबे मया तँय संग मा,  करु छोड़ के तँय गोठ गा।
तँय राखले बिस्वास ला, मन होय जी तब पोठ गा।
अभिमान ला तँय छोड़ के, मन राख ले तँय प्रेम गा ।
करबे भला मन बाँध ले, जग आस हे हर टेम गा।।

सुघ्घर दया के भाव रख, मन मा जगा तँय प्रेम ला।
मनके कड़ू कर दूर तँय, कर जाप परभू नेम ला।।
सुन आज अउ गुन आज ले, संगी समय के फेर मा।
नइ हे ठिकाना जान ले, ए काल के जी हेर मा।।

फैलत जहर गा रोज के, गाँवे शहर मा देख ले।
मोटर अऊ गाड़ी खड़े, अउ कारखाना रेख ले।।
लावत हवै जी साँस के, ए फेफड़ा के रोग ला।
कुदरत हवै हलकान जी, करके जहर ए भोग ला।।

-हेमलाल साहू
ग्राम- गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
छत्तीसगढ़, मो. 9977831273