शुक्रवार, 18 मई 2018

हेम के कुण्डलिया

भाई सुनले गोठ ला, बने लगा के चेत।
बीड़ी गुटका संग मा, दारू जीवे लेत।।
दारू जीवे लेत, काल के जानव संगी।
करथे घर ला नाश, लाय पैसा के तंगी।।
कहे हेम कविराय, नशा छोड़े म भलाई।
सुखी रही परिवार, मान ले बात ल भाई।।
-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
छत्तीसगढ़, मो. नं. 9977831273

गुरुवार, 15 मार्च 2018

पकैया छंद (मितानी)


छन्न पकइया छन्न पकइया, बनही अमर कहानी।
बाँधे राख  मया  के  रिस्ता, रखले मान  मितानी।।

छन्न पकइया छन्न पकइया, मिलके  आगू  जाबो।
सुख दुख मा रहिके सँगवारी, जिनगी साथ निभाबो।

छन्न पकइया छन्न पकइया, आवय झन अभिमानी।
गार पसीना  हमन  संगवारी, करबो  बने  किसानी।।

छन्न पकइया छन्न पकइया, आवव जोश जगाबो।
मिलके सँगवारी आवव हम,  सुघ्घर  देश  बनाबो।।

छन्न पकइया छन्न पकइया, आवव गाबो गाना।
मोरे  मितवा   मोरे   हितवा, तारे  ना  रे  ना  ना।।
-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा

शनिवार, 10 मार्च 2018

हेम के कुण्डलिया(बेटी)


बेटी घर के शान ये, देवव मया दुलार।
लक्ष्मी दुर्गा अउ हरे, सीता के अवतार।।
सीता के अवतार, मान बेटी के राखव।
देवव गा सम्मान, भेद भाव झने मानव।।
कहे हेम कविराय, धरे सुख के जी पेटी।
जग बर हे अनमोल, शान ये घर के बेटी।।
-  हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा 
छत्तीसगढ़ पिन- 491340

हेम के कुण्डलिया

दाई   बाबू   मोर   हे,  चारो   तीरथ  धाम।
रोजे साँझ बिहान गा, जेकर  जपथौ नाम।
जेकर जपथौ नाम, करँव मयँ हर जी पूजा।
मानव  मयँ  भगवान, अऊ  नइ हावे दूजा।
कहत  हेम  कविराय, बात  मानव  रे भाई।
हावय  जग  अनमोल, जान  ले  बाबू दाई।।
-  हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा 
छत्तीसगढ़ पिन- 491340

गुरुवार, 8 मार्च 2018

(*त्रिभंगी छंद*) नारी

सबके महतारी, जग मा नारी, ओकर मयँ नित, मान रखवँ।
हे राज दुलारी, सबके प्यारी, जेकर मयँ नित, गान करवँ।।
कहिथे जग तरनी, विपदा हरनी, जेहर महिमा, सार हवय।
नित आगू जावय, नाम कमावय, जग के ओहर, भार हरय।।
*-हेमलाल साहू*
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा
(छत्तीसगढ़) मो. 9977831273

मंगलवार, 13 फ़रवरी 2018

*इंटरनेट*(हेम के कुण्डलिया)

जबले गा आइस हवे, जग मा इंटरनेट।
जग हा समटागें हवे, करले सबसे चेट।।
करले सबसे चेट, कहा दुरिहा अब हावय।
करके मेल मिलाप, ठसन ले गोठीयावय।।
पूछय जम्मो हाल, भेंट ला करके सबले।
बाँधय इंटरनेट, मोह मा आइस जबले।।
-  हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा 

*शिव भोला*(हेम के कुण्डलिया)

सुनले शिव भोला बने, करत हवव गोहार।
तोर शरण मा आय हव, करदे नइया पार।।
करदे नइया पार, रहे ना मन अभिलासी।
जग के तारन हार, तही घट घट के वासी।।
कहत हेम कविराय, मैल ला मेटव मनले।
कण्ठ बिराजव मोर, बने शिव भोला सुनले।।

- हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा 

सोमवार, 5 फ़रवरी 2018

हेम के कुण्डलिया

सुनले बैसाखू कका, बिगड़े घर तन खेत।
बरबाद करँय ये नशा, बने लगा ले चेत।
बने लगा ले चेत,  रोग लावय गा भारी।
रहय न घर अउ घाट, संग रहिथे लाचारी।
कहत हेम कविराय, बने तँय एला गुनले।
नशा काल के जाल, कका बैसाखू सुनले।
- हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा 

शनिवार, 6 जनवरी 2018

हेम के दोहे

1)
खुल्ला हरव किताब मँय, पढ़के लेबे देख।
हेम मोर नावे हवे, लिखथव कविता लेख।।
2)
नगधा मोरे पोस्ट हे, गिधवा हावय गाँव।
जिला हवय बेमेतरा, जिहाँ मया के छाँव।।
3)
महमाया दाई रखे, किरपा अपन अपार।
जेकर महिमा गाव मँय , देवय मया दुलार।।
4)
बी ए हावव मँय पढ़े, जाके जी कालेज।
कम्प्यूटर के ज्ञान हे, अउ जरनल नॉलेज।।
5)
सँगवारी मन के बने, करथव मँय हा सोर।
जिनगी भर सुरता रहे, बाँध मया के डोर।।
6)
सीधा साधा भोकवा, मोला संगी जान।
छत्तीसगढ़ी मोर गा, बोली हे पहचान।।
7)
नान्हे पन के जे बने, हावय मोर मितान।
महतारी भाखा हवे, जग मा मोर महान।।
8)
सुघ्घर भाषा मोर हे, रखथव जेकर मान।
मीठ मीठ बोली हवे, जेकर करव बखान।।
9)
काबर करथे लोग हा, भाषा के अपमान।
छत्तीसगढ़ी मा भरे, कतको हावय ज्ञान।।
10)
विनती करथे हेम हा, मन के आपा खोल।
लाज सरम ला छोड़ के, छत्तीसगढ़ी बोल।।

-हेमलाल साहू
ग्राम गिधवा, पोस्ट नगधा
तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा