मोर दाई ददा

सुनावत हाव अपन दाई ददा के कहानी,
झूठ नो हाय सच हे जुबानी।

दाई हे गवार,
त ददा हे अनपढ़।
दोनों हे अगूठा छाप,
त मय टुरा हाव बीए पास।

दाई के नाम सोनमती, 
त ददा के नाम बैसाखू।
दोनों के येक झन टुरा,
मोर नाम हेमलाल साहू। 

दाई हा भात राधे,
त ददा हा खेत जावे।
दोनों झन खेती किसानी,
करके ज़िंदगी चलावे।
त बेटा ल पढ़े बार खूब फटकारे

दाई हा मया कराय,
त ददा हा दुलारे।
हमर एक झन टुरा,
कहिके मोला खूब पढ़ावे।

दाई हा चीलावे,
त ददा हा समझावे।
दोनों मिलके अपन टुरा, 
ल ज्ञान के रद्दा धरावे।

दाई हा कहाये चोरी करबे त मार खाबे,
त ददा कहे झूठ बोलबे त मन घटाबे।
दोनों मिलके अपन टुरा ल,
अपन ईमानदार बानावे।

दाई हा मया प्रेम के बात बतावे,
त ददा ह बनी करे बार सिखावे।
दोनों मिलके अपन टुरा ल,
मानवता के पाठ पढ़ावे।

दाई ददा के ये गोठ,
दुनिया मे हे मोल।
दोनों के बात ल जेन पकड़य,
त ओहा ज़िंदगी भर दुख नई जानय।

दाई ल कहे माता,
त ददा ल कहे धर्मात्मा।
दोनों के बात ल जेन धरे,
त ओकर जिन्दगी हा सूखे सूखे कटे।
##########################
जन्म जन्म के बांधना संगी , मया प्रीत के छाव 
छत्तीसगढ़ के मया कराइया, गाव देहात के ताव। 
###########################
नाम – हेमलाल साहू
स्थाई पता – ग्राम-गिधवा, 
पो.-नगधा,थाना-नादघाट,
तहसील-नवागढ़,जिला- बेमेतरा (छ.ग.)
मो. नम्बर – 9977831273, 

Mail = hemlalshahu@gmail.com

2 टिप्‍पणियां: