देख दिन ह बारिश के आगे

देख दिन ह बारिश के आगे।
सबो डहर हयिाली छागे।।
घाम के दिन बादर सिरागे।
भुईया के तन हा जुड़ागे।।

जम्मो किसान बुता म भीड़े।
खेत मा काटा खुटी बिनागे।।
जम्मो डहर चिखलाह मा​ते।
गाव मा खपरा ओइरागे।।

मेचका टर टर नरियावत।
इसारा मा पानी बुलावत।।
धर के नागर बइला जाये।
खेत खार म धान बोवागे।।

चमक चमक के बिजली चमकय।
कड़क कड़क के बादर गरजय।।
रिमझिम रिमझिम पानी बरसय।
छानहि टप टप पानी टपकय।।

गाव गली म धार बोहागे।
तरिया,नदीया, सब भरागे।।
खेत खार सब लबलबागे।
देख दिन ह बारिश के आगे
 ################################
रचना दिनांग 12.06.2015
 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें