जबले भ्रष्टाचार हा अइच

जबले भ्रष्टाचार हा अइच।
जम्मो जगा पाव ला जमइच।।

ईमानदार ला कंगला बनइच।
जम्मो बईमान ला बढ़इच।।

जग मा भ्रष्टाचार हा छइच।
ईमानदारी ला सिरवइच।।

बनिया जमाखोरी अपनइच।
गरीब ला भूखे मारडारिच।।

जम्मो भारत ला लूट बइठिच।
खा के खोखला पार डारिच।।

नेता धोखा धड़ी अपनइच।
जनता के खून चूस डारिच।।

गरीब मन के हक ला खाके।
बड़े बाबू कोठि भरडारिच।।

स्कूल मा ट्र्यूशन ला खोलिच।
लइका के अस्तत्वि सिरवइच।।

शिक्षक मन हा नाव के रहिगिच।
सब पैसा के खातीर बिकिच।।

जबले भ्रष्टाचार हा अइच।
जम्मो जगा पाव ला जमइच।।
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